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August 31, 2025

महिलाओं पर टिप्पणी कर विवादों में घिरे अनिरुद्धाचार्य, बढ़ते विरोध के बीच मांगी माफी

The CSR Journal Magazine
वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा लड़कियों की शादी की उम्र और चरित्र को लेकर दिए गए बयान ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया है। बयान की देश भर में आलोचना के बाद उन्होंने सफाई देते हुए माफी मांगी, लेकिन मामला थमने का नाम नहीं ले रहा।
पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के साथ अपने एक पुराने वीडियो की वजह से कथावाचक अनिरुद्धाचार्य काफी विवादों में रहे थे। दूसरी ओर लड़कियों के लिए एक विवादित बयान देने के मामले में अनुरुद्धाचार्य के खिलाफ एक बार फिर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस मामले में मथुरा बार एसोसिएशन ने कथावाचक के खिलाफ मुकदमा दायर करने का निर्णय लिया है।

लैंगिक टिप्पणी पर विवादों में घिरे अनिरुद्धाचार्य

गौरी गोपाल आश्रम के पीठाधीश्वर और प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य एक बार फिर विवादों में हैं। हाल ही में एक धार्मिक कथा के दौरान उन्होंने कहा कि “25 वर्ष की उम्र तक लड़कियां पूरी तरह परिपक्व हो जाती हैं और अगर इस उम्र तक शादी नहीं होती तो प्री-मैरिटल रिलेशनशिप की संभावना बढ़ जाती है।” इस बयान को सामाजिक और लैंगिक रूप से असंवेदनशील माना गया, जिसके बाद सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध शुरू हो गया।

उनके इस बयान को महिलाओं के चरित्र और जीवनशैली पर सीधा आक्षेप समझा गया। खासतौर पर लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर की गई टिप्पणी ने महिलाओं के एक वर्ग को आहत किया। अनिरुद्धाचार्य के बयान को लेकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने मुकदमे की पैरवी करने की जिम्मेदारी ली है। इस मामले में मथुरा बार एसोसिएशन के सचिव प्रदीप लवानियां ने कहा कि महिला वकील प्रियदर्शनी मिश्रा ने बार एसोसिएशन कार्यालय को एक एप्लिकेशन दी थी। इसमें कथावाचक की तरफ से अविवाहित लड़कियों के खिलाफ की गई टिप्पणी का उल्लेख करते हुए आपत्ति जताई गई है। मथुरा बार एसोसिएशन और महिला अधिवक्ताओं ने इसे “सामाजिक रूप से हानिकारक” बताते हुए कथावाचक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग उठाई है।

महिलाओं को न्याय दिलाने में प्रतिबद्ध

बार एसोसिएशन के सचिव ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य की उनकी इस टिप्पणी से समाज की अविवाहित युवतियों और महिलाओं की भावनाएं आहत हुई हैं। बार एसोसिएशन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और महिला अधिवक्ता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। बार एसोसिएशन ने कहा कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहने वाला है।

अनिरुद्धाचार्य ने मांगी माफ़ी

विवाद को बढ़ता देख अनिरुद्धाचार्य ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि “मेरी बात का गलत अर्थ निकाला गया। मैंने कुछ लड़कियों की बात की थी जो लिव-इन में रहकर रिश्तों को निभा नहीं पातीं। मेरा उद्देश्य केवल चरित्र निर्माण की बात करना था।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान से कुछ अंश हटाकर वीडियो को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। “अगर किसी बहन या व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं क्षमा मांगता हूं,” उन्होंने कहा।

पहले भी रह चुके हैं विवादों में

अनिरुद्धाचार्य पहले भी अपने बयानों को लेकर आलोचना का शिकार हो चुके हैं। 2022 में उन्होंने महिलाओं की सुंदरता को उनके दुखों का कारण बताया था। वहीं 2024 में भगवान शिव को लेकर दिए गए बयान पर भी उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। उनके प्रवचनों में अक्सर महिलाओं के वस्त्र, आचरण और जीवनशैली पर टिप्पणी की जाती रही है, जिसे सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने रूढ़िवादी सोच बताया है।

सामाजिक और धार्मिक हलकों में हल्ला

अनिरुद्धाचार्य के बयान के विरोध में मथुरा, वृंदावन और अन्य धार्मिक स्थलों पर साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। वहीं सोशल मीडिया पर ‘#महिलाओंका_सम्मान’ जैसे ट्रेंड चलाकर लोग अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। कई संगठनों ने उनके धार्मिक प्रवचनों पर निगरानी रखने की भी मांग की है।

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