Sambhal: रामनवमी पर संभल में पहली बार निकली भव्य शोभायात्रा,

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Sambhal: रामनवमी के अवसर पर Sambhal जिले में पहली बार श्री राम के जयकारों कई गूंज के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसने पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना दिया। रामनवमी के अवसर पर इस बार उत्तर प्रदेश के संभल जिले में इतिहास रचा गया। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की अगुवाई में यहां पहली बार भव्य भगवा शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना दिया। परंपरा, संस्कृति और आस्था से सजी इस यात्रा ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भी आकर्षित किया। शोभायात्रा की सबसे खास बात रही युवतियों की भागीदारी! हाथों में तलवार थामे युवतियों ने सड़क पर करतब दिखाए और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की। वहीं, युवाओं ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर नारे लगाए और पूरे जोश के साथ शोभायात्रा में हिस्सा लिया।

Sambhal की पहली शोभायात्रा का मुस्लिम समुदाय ने किया स्वागत

Uttar Pradesh का Sambhal जिला अब संभल रहा है। बीते नवंबर के सांप्रदायिक दंगों के बाद यहां के हालात काफी बदल चुके हैं। इसका अनुमान इसी से लगा सकते हैं कि रामनवमी पर Sambhal की विवादित Jama Masjid से महज 20 मीटर दूरी से श्री राम की भव्य शोभायात्रा निकली और शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्हें याद ही नहीं कि यहां कभी शोभायात्रा निकली हो। Sambhal जिले में रामनवमी पर निकली शोभायात्रा में भगवान राम, हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की भव्य झांकियां भी शामिल रहीं। शहर की सड़कों पर भक्ति गीत गूंजते रहे, जयकारों से माहौल गूंजता रहा और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, Sambhal के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में इस तरह का धार्मिक आयोजन पहले कभी नहीं हुआ था। खासकर जामा मस्जिद के सामने से शोभायात्रा निकालना, यहां एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है। हालांकि, इस आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन की अहम भूमिका रही। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और कई स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की, साथ ही समाज को ये बताया कि आम जनता धर्म के नाम पर बंटवारा नहीं, बल्कि अमन चैन चाहती है।

आठ वर्षीय बच्ची ने सत्यव्रत पुलिस चौकी का किया उद्घाटन

रामनवमी के दिन Sambhal में नवनिर्मित सत्यव्रत पुलिस चौकी का रविवार को एक आठ वर्षीय बच्ची के हाथों से उद्घाटन कराया गया। संभल के DM राजेंद्र पेंसिया, CP कृष्ण कुमार बिश्नोई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आठ वर्षीय गुनगुन कश्यप ने फीता काटकर चौकी का उद्घाटन किया। पिछले वर्ष 24 नवंबर को Shahi Jama Masjid के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने संभल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस चौकियों के निर्माण की योजना बनाई थी। योजना के तहत 28 दिसंबर को Sambhal थाना क्षेत्र स्थित शाही जामा मस्जिद के पास सत्यव्रत पुलिस चौकी का शिलान्यास किया गया था और रामनवमी के दिन चौकी का उद्घाटन किया गया। इस पुलिस चौकी का निर्माण करीब 100 दिन में पूरा हुआ है। उक्त चौकी पर भगवान कृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल पर अर्जुन को दिए गए उपदेश ‘यदा, यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत’ का संदेश भी अंकित है। इसके साथ ही दो मंजिला पुलिस चौकी में सैटेलाइट टावर, जिला नियंत्रण कक्ष और CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं।
Sambhal के DM राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि प्राचीन काल से लेकर आज तक Sambhal का नाम सतयुग में सत्यव्रत, त्रेता युग में महेंद्र गिरि और द्वापर युग में पिंगल था। उन्होंने बताया कि यह संयोग ही है कि नवरात्र के अंतिम दिन रामनवमी और भगवान श्रीराम के जन्मदिन पर पुलिस चौकी का उद्घाटन हुआ है। अधिकारी ने बताया कि मिश्रित आबादी वाला यह क्षेत्र संवेदनशील है इसलिए इस चौकी की स्थापना की गई है। Sambhal के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि इस स्थान के अतीत के सांप्रदायिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए पूर्व में हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह एक कारगर कदम है। उन्होंने बताया कि यह चौकी बहुत महत्वपूर्ण है, जहां प्रथम तल पर जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और यह चौकी यहां रहने वाले PAC के जवानों के लिए बैरक का भी काम करेगी। विश्नोई ने बताया कि इस चौकी के जरिए पुलिस Sambhal थाने के अंतर्गत कोट पूर्वी, कोट गर्वी, कोट पश्चिम समेत आसपास के इलाकों में काम करेगी और यह संभल की सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगी।

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