वाराणसी। एक फरवरी से पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में भारी इजाफा होने जा रहा है। अब इन उत्पादों पर 40% तक जीएसटी और अतिरिक्त उपकर लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत उत्पादों का मूल्य एमआरपी (Maximum Retail Price) आधारित तय होगा। इसका असर सीधे बनारसियों की जेब पर पड़ेगा। चाय और पान के पुराने रिश्ते अब महंगे होने जा रहे हैं।
CCTV निगरानी होगी अनिवार्य
सरकार ने पान मसाला निर्माताओं के लिए नई शर्तें भी लागू की हैं। अब सभी पैकिंग मशीनों पर सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा और फुटेज कम से कम 24 महीने तक सुरक्षित रखना होगा। साथ ही, मशीनों की संख्या और क्षमता की जानकारी उत्पाद शुल्क अधिकारियों को देना आवश्यक होगा। यदि कोई मशीन लगातार 15 दिनों तक बंद रहती है, तो छूट का दावा किया जा सकेगा।
तंबाकू सेवन पर नियंत्रण और स्वास्थ्य जागरूकता
सरकार का यह कदम केवल आर्थिक नहीं बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भी उठाया गया है। तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के उपायों से तंबाकू उत्पादों की खपत में कमी आएगी और युवा पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखने में मदद मिलेगी।
नई मूल्यांकन प्रणाली और उत्पाद शुल्क
भारत में सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अब अधिकतम खुदरा मूल्य आधारित मूल्यांकन लागू होगा। इसका मतलब है कि जीएसटी का निर्धारण पैकेट पर लिखी गई कीमत के आधार पर होगा। यह नई व्यवस्था 1 फरवरी से प्रभावी होगी। इसके पहले 28% जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर लागू थे, जो अब 40% की उच्चतम दर से बदल दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य और संभावित असर
नई नीति का मुख्य उद्देश्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करना और लोगों को इसके हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। इससे न केवल खपत में कमी आएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले बोझ को भी कम किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा वर्ग इस कदम से तंबाकू से दूर रहेगा और स्वास्थ्य के प्रति सजग होगा।
बनारसियों की जेब पर पड़ेगा असर
हालांकि अभी पुराना स्टॉक होने की वजह से कीमतों में तुरंत असर नहीं दिखेगा, लेकिन फरवरी के बाद बाजार में नए उत्पाद आने के साथ ही पान का मजा महंगा पड़ना तय है। बनारसियों के लिए चाय और पान का यह रिश्ता अब महंगा साबित होने वाला है।
भारत में तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी और अन्य उपकर लागू होना स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों दृष्टियों से अहम कदम है। सरकार तंबाकू उत्पादों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित कर रही है ताकि निर्माता नियमों का पालन करें। यह पहल न केवल तंबाकू के सेवन को कम करने में मदद करेगी बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक होगी।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates
Nizamuddin, the father of Rizwan, who was recently apprehended in Kushinagar on allegations of being linked to ISIS, expressed a desire for justice. In...
A father in Meerut, Uttar Pradesh, has opted for celebration rather than mourning when his daughter returned home following her divorce. This uplifting gesture...