भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अहम बदलाव किया है। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II एक्सप्रेस ट्रेनों के टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियम अब पहले जैसे नहीं रहे। नए नियमों के तहत अगर यात्री समय पर सतर्क नहीं रहे, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रेलवे मंत्रालय ने रेलवे पैसेंजर्स (रद्दीकरण और किराया वापसी) संशोधन नियम, 2026 के तहत ये बदलाव लागू किए हैं, जिनका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।
क्यों बदले गए टिकट कैंसिलेशन के नियम?
रेलवे का कहना है कि प्रीमियम ट्रेनों में बढ़ती मांग और सीटों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव किए गए हैं। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत जैसी ट्रेनों में अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाती हैं, इसलिए इनमें आखिरी समय पर टिकट कैंसिल होने से रेलवे को नुकसान होता है। इसी कारण अब रिफंड नियमों को और सख्त बना दिया गया है।
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस: रिफंड का नया गणित
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में टिकट कैंसिलेशन अब पूरी तरह समय-सीमा पर निर्भर करेगा।
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72 घंटे से पहले टिकट रद्द करने पर:
अगर यात्री ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से ज्यादा समय पहले टिकट कैंसिल करता है, तो कुल किराए का 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा और बाकी रकम वापस कर दी जाएगी।
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72 से 8 घंटे के बीच कैंसिलेशन:
ट्रेन चलने से 72 घंटे से लेकर 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर यात्रियों को 50 प्रतिशत किराया गंवाना पड़ेगा।
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8 घंटे से कम समय में कैंसिलेशन:
अगर ट्रेन चलने में 8 घंटे से कम समय बचा है और यात्री टिकट कैंसिल करता है, तो उसे एक भी रुपया रिफंड नहीं मिलेगा।

