Affordable Hostel for Working Women in UP: उत्तर प्रदेश की कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। शहरों में रोजगार की तलाश में आने वाली महिलाओं को अब जल्द ही सुरक्षित और किफायती छात्रावास सुविधा मिलने जा रही है। योगी सरकार ने आठ Working Women Hostel के निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 382 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से 251.82 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह परियोजना भारत सरकार की SASCI योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। Women Safety in UP और Affordable Hostel for Working Women को ध्यान में रखते हुए इसे प्राथमिकता दी गई है।
Affordable Hostel for Working Women in UP: किन शहरों में बन रहे हैं छात्रावास?
परियोजना के तहत लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। यानी कुल आठ आधुनिक छात्रावास तैयार होंगे। प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 महिलाओं की होगी, जिससे कुल 4,000 महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार ने अप्रैल 2025 में सीएंडडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया है और भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। गाजियाबाद के सूर्यनगर क्षेत्र में प्रस्तावित छात्रावास के लिए आवश्यक अनुमति की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
Women Safety and Empowerment in Uttar Pradesh: सुरक्षा और सुविधाओं पर खास ध्यान
इन छात्रावासों में 24×7 सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय, भोजनालय, कॉमन रूम और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उद्देश्य यह है कि शहरों में नौकरी करने वाली महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके। आज बड़ी संख्या में महिलाएं उद्योग, सेवा क्षेत्र, निजी संस्थानों और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। लेकिन सुरक्षित आवास की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती बनती है। Women Empowerment in Uttar Pradesh की दिशा में यह परियोजना अहम कदम मानी जा रही है।
आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का फोकस स्पष्ट है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़े और उन्हें कार्यस्थल के साथ-साथ आवासीय सुरक्षा भी मिले। परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल शहरी श्रमबल को मजबूत करेगी, बल्कि हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देगी। सुरक्षित छात्रावास सुविधा मिलने से अब महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों से जुड़ना और आसान हो जाएगा।
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