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March 7, 2026

योगी सरकार की विद्युत सखी योजना से बदली गांवों की तस्वीर, 30 हजार महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

The CSR Journal Magazine

3250 करोड़ रुपये का बिजली बिल कलेक्शन

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में चल रही विद्युत सखी योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। इस योजना के जरिए हजारों महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि बिजली विभाग के काम में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहीं इन महिलाओं ने अब तक 3250 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल कलेक्शन कर एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। प्रदेश में अब तक करीब 30 हजार महिलाओं को ‘विद्युत सखी’ के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से 15 हजार से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से फील्ड में तैनात हैं और गांव-गांव जाकर घरों से बिजली बिल जमा करा रही हैं। बाकी महिलाओं को भी प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही उन्हें भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

महिलाओं के लिए रोजगार और सम्मान का नया रास्ता

योगी सरकार की यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का मजबूत जरिया बन गई है। स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़ी महिलाएं अब बिजली बिल कलेक्शन एजेंट के रूप में काम कर रही हैं। इससे गांवों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार में उनका सम्मान भी बढ़ा है। इस योजना के तहत महिलाओं को बिजली बिल जमा कराने पर कमीशन दिया जाता है। दो हजार रुपये तक के बिल पर 20 रुपये का कमीशन मिलता है, जबकि दो हजार रुपये से अधिक के बिल पर 1 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। इसी वजह से कई ग्रामीण महिलाएं अब अच्छी कमाई कर रही हैं और हजारों ‘दीदियां’ लखपति बन चुकी हैं।

ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी मिली बड़ी सुविधा

विद्युत सखी योजना का फायदा केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी मिला है। पहले लोगों को बिजली बिल जमा करने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था या शहर के बिजली दफ्तर तक जाना पड़ता था। अब गांव में ही विद्युत सखी घर-घर जाकर बिल जमा करवा देती हैं, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है। इससे बिजली बिल कलेक्शन की प्रक्रिया भी तेज हुई है और बिजली विभाग की राजस्व वसूली में भी काफी सुधार हुआ है।

महिला सशक्तिकरण का सफल मॉडल

प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) का एक मजबूत उदाहरण बन चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर इस पहल से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण ऊर्जा सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सके। इस तरह विद्युत सखी योजना आज उत्तर प्रदेश के गांवों में रोजगार, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का नया मॉडल बनकर उभर रही है।
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