8.5 लाख से ज्यादा नौकरियां देकर यूपी बना राष्ट्रीय मॉडल
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में Mission Rojgar लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहा है। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता, तेजी और Fair Recruitment System को लेकर राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में इस बार Sahayak Adhyapak (Trained Graduate Teacher – TGT) Recruitment Exam को दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 के बीच आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है। 15 विषयों में कुल 7466 पदों पर चयन प्रक्रिया होगी, जो प्रदेश के लाखों शिक्षित युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर शिक्षा के लिए योग्य अध्यापक बेहद जरूरी हैं, और ऐसे में यह भर्ती अभियान प्रदेश के शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ ही युवाओं को नौकरी के अवसर भी प्रदान करेगा। यही वजह है कि मिशन रोजगार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल करते हैं।
पारदर्शिता और निष्पक्षता सरकार की पहली शर्त
योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में Transparency, Fairness, और Zero Corruption Policy से बिल्कुल भी समझौता नहीं किया जाएगा। परीक्षा को पूरी तरह Nakalvihheen और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। जिन जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, वहां के जिलाधिकारी खुद मॉनिटरिंग करेंगे ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। राज्य सरकार की यह सख्ती इसलिए भी है क्योंकि बीते वर्षों में यूपी ने बड़े पैमाने पर परीक्षा सुधार लागू किए हैं और आज यूपी अपनी सख्त और साफ भर्ती प्रक्रियाओं के लिए देश भर में मिसाल बन चुका है।
सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट मोड में
परीक्षा में सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना सरकार की सबसे अहम प्राथमिकताओं में से एक है। इसी कारण इस बार कई नयी टेक्नोलॉजी और नई प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के समय Biometric Verification, फ्रिस्किंग की सख्त व्यवस्था, हर कमरे में चौबीसों घंटे CCTV Surveillance, एलआईयू और एसटीएफ की स्पेशल टीमों की तैनाती।
संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा
इसके अलावा प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए Color & Code-based SMS system लागू होगा, जो किसी भी तरह की लीक की संभावना को पूरी तरह समाप्त करेगा। ट्रेजरी से प्रश्नपत्रों की निकासी और उनकी सुरक्षित डिलीवरी की जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रेट को दी गई है, जिनका काम निर्धारित समय पर सामग्री को सुरक्षित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना है।
अभ्यर्थियों की सुविधा भी पूरी प्राथमिकता में
सरकार का कहना है कि परीक्षा देने वाले युवाओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसलिए सभी परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, आरामदायक बैठने की जगह, और आवश्यक हेल्प डेस्क जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी समय से पूरा कर लिया गया है ताकि परीक्षा सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके।
8.5 साल में 8.5 लाख सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री योगी की भर्ती नीति का सबसे बड़ा प्रभाव यह रहा है कि विगत 8.5 वर्षों में 8.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। यह किसी भी राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वहीं Private Sector Jobs, Industrial Investments और MSME क्षेत्र के विस्तार ने भी लाखों युवाओं को अतिरिक्त रोजगार दिया है। UP TGT Exam 2024–25 न सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि उत्तर प्रदेश युवाओं को मजबूत भविष्य देने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रहा है। पारदर्शी प्रक्रियाएं, टेक्नोलॉजी आधारित सुरक्षा और मजबूत व्यवस्थाएं दिखाती हैं कि मिशन रोजगार अब सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक भरोसे का नाम बन चुका है।
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