एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट परीक्षा देकर लौट रही एक युवती के साथ चलती ट्रेन में जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में सफर कर रही युवती को सीट दिलाने का झांसा देकर टीटीई ने अपने केबिन में बुलाया और वहीं उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी टीटीई फरार हो गया, जबकि पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी।
मऊ से गोरखपुर की यात्रा बनी दर्दनाक अनुभव
पीड़िता मूल रूप से मऊ की रहने वाली है और फिलहाल गोरखपुर में रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रही थी। वह एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट की परीक्षा देने मऊ गई थी। परीक्षा के बाद लौटते समय स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ और जल्दबाजी के कारण वह टिकट नहीं ले सकी और मजबूरी में बिना टिकट ट्रेन में चढ़ गई।
सीट के नाम पर केबिन में ले जाकर की हैवानियत
ट्रेन में चढ़ने के बाद युवती एसी कोच में खड़ी थी। इसी दौरान टीटीई राहुल कुमार ने उससे पूछताछ की। जब उसने टिकट न होने की बात बताई, तो टीटीई ने नियमों का हवाला देकर जुर्माना लेकर सीट दिलाने का भरोसा दिया। इसी बहाने वह उसे एसी फर्स्ट क्लास कोच के अपने केबिन में ले गया।
आरोप है कि केबिन में पहुंचते ही उसने अंदर से कुंडी बंद कर दी और युवती के साथ जबरदस्ती की। युवती के विरोध करने पर उसे धमकाया गया कि अगर किसी को बताया तो बिना टिकट यात्रा में कानूनी कार्रवाई करवा देगा।
इंदारा–देवरिया के बीच हुई वारदात
यह घिनौनी घटना इंदारा और देवरिया के बीच ट्रेन यात्रा के दौरान हुई। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मामले के सामने आते ही आरोपी टीटीई देवरिया स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।
पुलिस कार्रवाई, केस दर्ज, तलाश जारी
घटना के बाद युवती ने गोरखपुर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की पुष्टि करते हुए लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। तकनीकी कारणों से केस को देवरिया जीआरपी को ट्रांसफर किया गया है।
उन्होंने बताया कि युवती का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी टीटीई की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटना ने रेलवे की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे नियमों के अनुसार बिना टिकट यात्री से जुर्माना लेकर वैध टिकट जारी किया जाता है और उसे जनरल कोच में भेजा जाता है। किसी महिला यात्री को अलग-थलग केबिन में ले जाना नियमों के खिलाफ है। एसी फर्स्ट क्लास जैसे संवेदनशील कोच में किसी महिला को अकेले केबिन में ले जाना, निगरानी तंत्र की विफलता और सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को उजागर करता है।
साहस की मिसाल बनी पीड़िता
डर और धमकी के बावजूद पीड़िता ने चुप रहने के बजाय पुलिस को सूचना दी और परिवार को सच बताया। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि भरोसे के नाम पर की गई दरिंदगी है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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