देर तक बैठने से रीढ़ की हड्डी हो रही खराब, विशेषज्ञों ने इतने घंटों में ब्रेक ब्रेक लेने की सलाह दी

The CSR Journal Magazine
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग घंटों तक एक ही जगह बैठे रहते हैं। यह आदत रीढ़ की हड्डी के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बैठना और गलत तरीके से बैठना मांसपेशियों पर दबाव डालता है, जिससे रीढ़ से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

कमर और पीठ दर्द की बढ़ती समस्या

कमर और पीठ दर्द अब आम हो गया है। कई लोग बताते हैं कि वे कई घंटों तक लगातार बैठे रहते हैं। डॉ. कुमार का कहना है कि लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठने से मांसपेशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे रीढ़ में दर्द और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

मोबाइल का बढ़ता उपयोग

डेस्क जॉब के साथ-साथ लोग मोबाइल का भी अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। लगातार स्क्रीन को नीचे देखकर फोन का उपयोग करने से गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इस समस्या को आमतौर पर ‘टेक्स्ट नेक’ कहा जाता है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी में देखी जा रही है।

हर आधे घंटे में ब्रेक लें

डॉ. कुमार के अनुसार, रीढ़ को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। काम के दौरान हर 30 मिनट में उठकर थोड़ी देर चलना, हल्की स्ट्रेचिंग करना या पानी पीने के लिए अपनी जगह से उठना चाहिए।

लंबी सैर से बेहतर छोटे ब्रेक

लगातार कई घंटे बैठे रहने के बाद एक बार लंबी सैर करने की तुलना में दिनभर हर आधे घंटे में सीट से उठकर कुछ मिनट चलना अधिक फायदेमंद हो सकता है। यह रीढ़ की सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

पोश्चर का ध्यान रखें

काम करते समय पैरों को जमीन पर टिकाकर रखें और पीठ को सहारा दें। कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें, ताकि गर्दन को बार-बार नीचे झुकाना न पड़े। लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने वालों के लिए अलग की-बोर्ड का इस्तेमाल भी सुविधाजनक हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे-छोटे बदलावों से रीढ़ की सेहत में सुधार किया जा सकता है। नियमित रूप से उठना और चलना न केवल रीढ़ के लिए, बल्कि समग्र स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

बच्चों में बढ़ती समस्याएं

बच्चों में भी टेक्स्ट नेक जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। मोबाइल और टैबलेट के अधिक उपयोग से उनकी रीढ़ पर बुरा असर पड़ रहा है। माता-पिता को इस पर ध्यान देना चाहिए और बच्चों को सही बैठने की आदतें सिखानी चाहिए।

लंबे समय तक बैठने के दुष्परिणाम

लंबे समय तक बैठने से केवल रीढ़ ही नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे मोटापे, हृदय रोग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, हर किसी को अपनी बैठने की आदतों पर ध्यान देना चाहिए।

स्वस्थ जीवनशैली की ओर कदम

स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। नियमित व्यायाम, सही पोश्चर और पर्याप्त ब्रेक लेना जरूरी है। यह न केवल रीढ़ की सेहत के लिए, बल्कि पूरे शरीर के लिए महत्वपूर्ण है।

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