नमक की क्रेविंग को न करें नजरअंदाज: Addison’s Disease के ये लक्षण जानना है जरूरी

The CSR Journal Magazine
एडिसन डिजीज एक दुर्लभ हार्मोन संबंधी बीमारी है, जिसमें शरीर की एड्रिनल ग्रंथियां पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पातीं। इससे ब्लड प्रेशर, शरीर में पानी और नमक का संतुलन प्रभावित होता है। इसके लक्षणों में बार-बार नमक खाने की इच्छा, थकान, और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। अगर आपको लगातार थकान महसूस होती है या वजन घट रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

नमक की क्रेविंग: एक संकेत

नमक खाने की इच्छा कभी-कभी सामान्य होती है, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहती है, तो यह एडिसन डिजीज का संकेत हो सकती है। एनएचएस के अनुसार, नमक की असामान्य क्रेविंग इस बीमारी के संभावित लक्षणों में से एक है। जब शरीर में एल्डोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम होता है, तो व्यक्ति को नमक खाने की इच्छा महसूस हो सकती है।
एड्रिनल ग्रंथियां शरीर के लिए कई महत्वपूर्ण हार्मोन बनाती हैं, जिनमें कोर्टिसोल और एल्डोस्टेरोन शामिल हैं। ये हार्मोन शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करते हैं। एडिसन डिजीज में इन ग्रंथियों का क्षतिग्रस्त होना इन हार्मोनों के निर्माण में बाधा डालता है। कोर्टिसोल शरीर को तनाव से निपटने में मदद करता है, जबकि एल्डोस्टेरोन सोडियम और पानी का संतुलन बनाए रखता है।

क्या करें जब लक्षण दिखें?

अगर आपको नमक की क्रेविंग के साथ-साथ कमजोरी, चक्कर आना या भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खानपान, पसीने के जरिए नमक की हानि और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसके पीछे हो सकती हैं। इसलिए, लक्षणों के बने रहने पर विशेषज्ञ से संपर्क करें।

ब्लड प्रेशर पर असर

एडिसन डिजीज के कारण एल्डोस्टेरोन का स्तर कम होने से सोडियम की हानि बढ़ सकती है। इससे शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर पर असर पड़ता है। व्यक्ति को खड़े होने पर चक्कर आ सकते हैं, और कमजोरी या अत्यधिक प्यास महसूस हो सकती है।

क्या ज्यादा नमक खाना सही है?

एडिसन डिजीज में कुछ लोगों को डॉक्टर की सलाह से सोडियम की मात्रा बढ़ाने की जरूरत हो सकती है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए एक ही डाइट सही हो। नमक की मात्रा बीमारी, ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोलाइट रिपोर्ट के अनुसार तय की जाती है।

जोड़ों में दर्द और अन्य लक्षण

एडिसन डिजीज में जोड़ों का दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी भी हो सकती है। ये लक्षण अक्सर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और शुरुआत में सामान्य थकान या उम्र बढ़ने से जोड़े जा सकते हैं। कोर्टिसोल की कमी से व्यक्ति को लंबे समय तक थकान और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है।

लक्षणों की पहचान

एडिसन डिजीज के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं। इनमें लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, भूख कम लगना, और अनजाने में वजन घटना शामिल हैं। अगर आपको नमक की क्रेविंग के साथ-साथ ये लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से चर्चा करना जरूरी है।

निदान और उपचार

एडिसन डिजीज का निदान ब्लड और अन्य जरूरी टेस्ट से किया जाता है। सही समय पर पहचान और नियमित हार्मोन रिप्लेसमेंट ट्रीटमेंट से इसे मैनेज किया जा सकता है। खुद से नमक बढ़ाने या हार्मोन की दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos