रैगिंग और कथित यौन उत्पीड़न का शिकार बनी छात्रा की मौत ! रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न और कथित यौन शोषण के बाद बिगड़ती गई हालत! इलाज के दौरान 26 दिसंबर को हुई मौत, वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप ! शिक्षा संस्थान में सुरक्षा पर सवाल: छात्रा की मौत और ‘मौत से पहले का बयान’ !
कॉलेज में उत्पीड़न की दास्तान: इलाज के दौरान छात्रा की मौत, वीडियो ने खोली पोल
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान 26 दिसंबर को मौत हो गई। आरोप है कि कॉलेज में तीन सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग और एक प्रोफेसर द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के बाद वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थी। अब अस्पताल में रिकॉर्ड किया गया उसका एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपनी आपबीती बयान करती दिख रही है। वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। धर्मशाला स्थित गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज Government Degree College की 19 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में कॉलेज के एक प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ रैगिंग, यौन उत्पीड़न और मौत से जुड़े गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार देर रात इसकी पुष्टि की।
वीडियो में क्या कहा छात्रा ने
कथित वीडियो में छात्रा ने कहा कि कॉलेज में उसे लगातार मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उसने आरोप लगाया कि प्रोफेसर “अजीब हरकतें” करते थे और वह असहज महसूस करती थी। छात्रा के अनुसार, शिकायत करने के बावजूद स्थिति नहीं सुधरी, जिससे उसका मानसिक स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता गया। इस रिकॉर्डिंग में छात्रा ने कॉलेज के एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार, छात्रा ने अपनी रिकॉर्डिंग में बताया कि संबंधित प्रोफेसर कक्षा और कॉलेज परिसर में उसके साथ अशोभनीय व्यवहार करता था। उसने प्रोफेसर पर शरीर के विभिन्न हिस्सों को छूने और लगातार मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया।
Is this how the police interrogate a dy!ng girl suffering from depression?
Reports claim she faced inappropriate conduct by a professor & persistent ragging at a college in #dharamshala pic.twitter.com/Em8BsKpAvm— SHAKTI (@UnapologeticH_1) January 2, 2026
विरोध करने पर डराया-धमकाया
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने प्रोफेसर के इस व्यवहार का विरोध किया, तो उसे जातीय आधार पर भेदभाव का सामना करना पड़ा और उसे डराया-धमकाया गया। इस मामले के सामने आने के बाद छात्र संगठनों, दलित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा कॉलेज प्रशासन की भूमिका की जांच की मांग की है।
रैगिंग और उत्पीड़न के आरोप
परिवार का कहना है कि कॉलेज के कुछ सीनियर छात्रों ने उसके साथ रैगिंग की, जिससे वह डर और तनाव में रहने लगी। इसके साथ ही प्रोफेसर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों ने उसकी हालत और खराब कर दी। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद से छात्रा को बार-बार तबीयत बिगड़ने की शिकायत रहने लगी थी। छात्रा के पिता विक्रम कुमार, जो धर्मशाला के सिद्धबाड़ी क्षेत्र के निवासी हैं, ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पल्लवी 19 वर्ष की थी और कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। शिकायत के अनुसार, 18 सितंबर 2025 को उसी कॉलेज की तीन छात्राओं ने पल्लवी के साथ शारीरिक मारपीट की और उसे डराया-धमकाया। पिता ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार ने भी उनकी बेटी के साथ अशोभनीय कृत्य किए।
इलाज के दौरान मौत, आरोपियों पर FIR दर्ज
छात्रा को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि लंबे समय तक मानसिक तनाव और बीमारी के कारण उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। घटना के बाद परिजनों और छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और वीडियो की भी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस के अनुसार, धर्मशाला पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 75, 115(2) और 3(5) के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। FIR में कॉलेज प्रोफेसर अशोक कुमार और तीन छात्राएं हरशिता, आकृति और कोमोलिका को नामजद किया गया है।
कॉलेज प्रशासन पर सवाल
इस मामले ने कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूछा जा रहा है कि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और छात्रा को सुरक्षा क्यों नहीं मिल पाई। विक्रम कुमार ने पुलिस को बताया कि बेटी की गंभीर हालत और लंबे समय तक चले मानसिक आघात के कारण वह पहले शिकायत दर्ज नहीं करा सके। बेटी की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में था, जिस वजह से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने में देरी हुई।
कॉलेज प्रबंधन ने खारिज किए आरोप
धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का कहना है कि पिछले साल छात्रा कॉलेज में फर्स्ट ईयर में पढ़ती थी। लेकिन वह फेल हो गई थी औऱ फिर सेकंड ईयर में दाखिले मांग कर रही थी। उन्होंने कहा कि फेल और आगे दाखिला ना मिलने के बाद से छात्रा परेशान और डिप्रेशन में थी। उन्होंने कहा कि छात्रा के परिजनों ने रैगिंग और अन्य किसी तरह की शिकायत नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि कॉलेज के टीचर्स ने छात्रा के परिजनों पर धमकाने के आरोप लगाए थे औऱ मौखिक में इसकी जानकारी दी थी।
SP के बयान से उलझा मामला
उधर,एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने कहा कि छात्रा के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है और आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि 20 दिसंबर को हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जांच की तो यौन शोषण की बात नहीं कही गई थी। लेकिन अब मामले की जांच कर रहे हैं। एसपी ने बताया कि 20 दिसंबर को कंप्लेंट में प्रोफेसर का जिक्र नहीं था। उन्होंने कहा कि सात अस्पतालों में उसका इलाज किया गया था और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
आरोपी टीचर ख़ुद बैकवर्ड क्लास से
प्रिसिंपल ने बताया कि छात्रा ने फेल होने के बाद फिर से फर्स्ट ईयर में दाखिले के लिए फीस जमा नहीं करवाई थी। उन्होंने कहा कि जिस टीचर पर आरोप लग रहे हैं, वो खुद बैकवर्ड क्लास से आते हैं। वहीं, रैगिंग के सवालों पर उन्होंने कहा कि पुलिस के पास पहले शिकायत आई है, हमारे पास कोई शिकायत नहीं की गई थी। छात्रा के दो वीडियो सामने आए हैं, जिसमें एक वीडियो में छात्रा की मां कॉलेज के स्टॉफ के बारे में उससे पूछती है तो छात्रा कहती है कि अशोक सर अच्छे हैं। ऐसे में पूरे मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि एक वीडियो अस्पताल का है और दूसरा किसी अन्य जगह का लग रहा है।
भाजपा विधायक ने सरकार को घेरा
धर्मशाला से भाजपा पूर्व विधायक विशाल नेहरियां ने पूरे मामले पर कहा कि, “धर्मशाला में छात्रा की मृत्यु एक अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक घटना है। इस मामले में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। इस घटना के पीछे पुलिस की लापरवाही की बात सामने आ रही है, जो बहुत शर्मनाक है, इसलिए, मैं मांग करता हूं कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय-निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। भगवान बहन की आत्मा को शांति और अपने श्री चरणों में स्थान दें।” इसी तरह, धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि, “धर्मशाला की बेटी के निधन की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है, शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं! यदि इस प्रकरण में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो इसकी उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। प्रशासनिक स्तर पर हुई लापरवाही और सरकार के रवैये की मैं निंदा करता हूं।”
समाज में आक्रोश
घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है। सामाजिक संगठनों ने इसे शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और जवाबदेही की गंभीर कमी बताया है और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग दोहराई है।
नोट: पीड़िता की पहचान गोपनीय र खी गई है।
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