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January 7, 2026

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन! 

The CSR Journal Magazine

 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सुबह करीब 3.30 बजे पुणे में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का तड़के निधन

वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के 6 जनवरी 2026 को पुणे में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से राजनीति और खेल जगत में शोक की लहर है। सूत्रों के अनुसार, श्री कलमाड़ी ने तड़के लगभग 3.30 बजे अंतिम सांस ली।

सुरेश कलमाड़ी: एक विस्तृत जीवन यात्रा

सुरेश कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को महाराष्ट्र में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और कम उम्र में ही सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ गए। छात्र जीवन से ही उनमें संगठन क्षमता और नेतृत्व के गुण दिखाई देने लगे थे। कलमाड़ी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की। 1970 के दशक में वे पुणे की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बनकर उभरे। वे कई बार पुणे से लोकसभा सांसद चुने गए।शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और खेलों के लिए उनके प्रयासों को विशेष रूप से जाना जाता है।

केंद्रीय मंत्री के रूप में भूमिका, IOA की अध्यक्षता

सुरेश कलमाड़ी ने केंद्र सरकार में रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे से जुड़े कई विकासात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई, खासकर महाराष्ट्र और पुणे क्षेत्र से जुड़े रेल प्रोजेक्ट्स पर उनका फोकस रहा। राजनीति के साथ-साथ सुरेश कलमाड़ी का नाम भारतीय खेल प्रशासन में भी बेहद प्रभावशाली रहा। वे भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भागीदारी और मेजबानी की दिशा में कदम बढ़ाए। खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विवाद और चुनौतियां

अपने लंबे करियर में कलमाड़ी को विवादों और आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा, खासकर खेल प्रशासन से जुड़े मामलों में। हालांकि, इसके बावजूद वे लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बने रहे और कांग्रेस पार्टी में एक वरिष्ठ नेता के रूप में पहचाने जाते रहे। सुरेश कलमाड़ी सरल जीवन शैली के लिए जाने जाते थे। पुणे से उनका गहरा जुड़ाव रहा और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में उनकी भागीदारी को समर्थक आज भी याद करते हैं।

निधन और श्रद्धांजलि

मंगलवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेताओं, खेल जगत से जुड़े व्यक्तियों और उनके समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। पार्टी नेताओं ने उन्हें एक अनुभवी प्रशासक, प्रभावशाली नेता और खेलों के संरक्षक के रूप में याद किया।उन्होंने रेल मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में सेवा दी थी और वे भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके थे।
पुणे के एक प्रमुख राजनीतिक नेता के रूप में पहचाने जाने वाले श्री कलमाड़ी ने कई बार लोकसभा में पुणे का प्रतिनिधित्व किया। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई अहम पद संभाले और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रशासन से भी वर्षों तक जुड़े रहे। उनके निधन पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त कियाऔर सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

पुणे के कलमाड़ी हाउस में आज अंतिम दर्शन

श्री कलमाड़ी अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और पुत्रवधू, दो विवाहित बेटियां और एक दामाद, तथा पोते-पोतियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनका पार्थिव शरीर पुणे के एरंडवणे क्षेत्र स्थित कलमाड़ी हाउस में दोपहर 2 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार शाम 3.30 बजे नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान घाट में किया जाएगा। सुरेश कलमाड़ी का जीवन भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन के एक लंबे और महत्वपूर्ण दौर का प्रतिनिधित्व करता है। उनका जाना न केवल कांग्रेस पार्टी, बल्कि  सार्वजनिक जीवन के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
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