जनजातीय उत्पादों को मिला नया ब्रांड ‘RISA’, मॉडर्न डिजाइन से मिलेगी नई पहचान

The CSR Journal Magazine
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने ‘RISA: Timeless Tribal’ नाम से एक नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय बुनाई, कढ़ाई और हस्तशिल्प को संरक्षित करना और कारीगरों को बेहतर आजीविका के मौके प्रदान करना है। यह पहल जनजातीय उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़कर उन्हें उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगी। इससे आदिवासी समुदायों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। RISA ब्रांड का लॉन्च दिल्ली के सुंदर नर्सरी में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने किया। इस आयोजन में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, सचिव रंजना चोपड़ा, और अन्य कई प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए।

सरकार का प्रयास: कारीगरों को उचित मूल्य दिलाना

इस कार्यक्रम में जुएल ओराम ने कहा कि जनजातीय हस्तशिल्प बेहद मूल्यवान हैं, लेकिन कारीगरों को आमतौर पर सही कीमत नहीं मिलती। मोदी सरकार इस समस्या का समाधान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भारत ट्राइब्स फेस्ट और RISA जैसे प्लेटफॉर्म कारीगरों को बाजार तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं।

कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ने की पहल

राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि जनजातीय समुदाय के विकास के लिए सरकार सक्रिय है। RISA जैसी पहलें कारीगरों को बाजार में जोड़ने का काम करेंगी। सचिव रंजना चोपड़ा ने बताया कि RISA का लक्ष्‍य है कि कारीगरों को उनके काम का सही लाभ मिले। उन्होंने बताया कि RISA नाम त्रिपुरा के पारंपरिक हाथ से बुने स्टोल से प्रेरित है।

मशहूर डिजाइनर का बयान: आधुनिकता और परंपरा का संगम

डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने कहा कि देश में डिजाइन परंपराओं और लोगों के जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने RISA को एक ऐसा मंच बताया जहां कारीगरों की पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन मिलकर काम करेंगे। RISA परियोजना के पहले फेज में 10 क्लस्टर शामिल होंगे, जिनमें 5 प्रकार की बुनाई, 2 प्रकार की कढ़ाई और 3 प्रकार के हस्तशिल्प होंगे।

प्रमुख उद्देश्य: कारीगरों के हुनर का विकास

इस पहल का एक और प्रमुख उद्देश्य जनजातीय उत्पादों को मॉडर्न मार्केट के अनुसार विकसित करना है। नए डिजाइन तैयार किए जाएंगे और कारीगरों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि उनके हुनर में इजाफा हो सके। इसके अलावा बुनाई और हस्तशिल्प के लिए बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।

विशेष पैकेजिंग: पहचान और प्रतिष्ठा

RISA की विशेष पैकेजिंग हरियाणा के National Institute of Design द्वारा तैयार की गई है। इस पहल में कई प्रमुख डिजाइनरों के साथ सहयोग किया गया है। RISA के तहत मणिपुर की लोंगपी पॉटरी, लद्दाख की ब्रास कटलरी और छत्तीसगढ़ की ढोकरा कला जैसे प्रमुख उत्पादों को पेश किया जाएगा। यह ब्रांड जनजातीय उत्पादों को देश और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल पीएम मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप आदिवासी समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।
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