भारत पर्व में आरएचटीसी की पहल: निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जन-जागरूकता का जीवंत मंच! लाल किला परिसर में स्वास्थ्य का संदेश देते हुए भारत पर्व में RHTC का जागरूकता अभियान!निवारक स्वास्थ्य की ओर कदम !
भारत पर्व बना स्वास्थ्य जागरूकता का मंच, आरएचटीसी ने सिखाए जीवन रक्षक कौशल
गणतंत्र दिवस समारोहों के अंतर्गत ऐतिहासिक लाल किला परिसर के लॉन में आयोजित भारत पर्व इस वर्ष केवल सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन का उत्सव ही नहीं, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) और जन-जागरूकता का एक प्रभावी मंच भी बनकर उभरा है। इस आयोजन में ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (Rural Health Training Centre- RHTC) की सक्रिय भागीदारी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रही है। RHTC का स्टॉल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जीवन रक्षक कौशल सिखाने और समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।
स्वास्थ्य जागरूकता का केंद्र बना RHTC स्टॉल
भारत पर्व में लगे RHTC के स्टॉल पर दिनभर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग, हर वर्ग के लोग यहां आकर स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। स्टॉल का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि बीमारी होने के बाद इलाज कराने से बेहतर है, बीमारी से पहले ही बचाव किया जाए। यही निवारक स्वास्थ्य देखभाल की मूल भावना है।
लाइव CPR प्रदर्शन: जीवन बचाने का प्रशिक्षण
RHTC स्टॉल की सबसे बड़ी विशेषता लाइव CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रदर्शन है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी आम लोगों को यह सिखा रहे हैं कि अचानक हृदयगति रुकने या सांस बंद होने की स्थिति में कैसे प्राथमिक उपचार देकर किसी की जान बचाई जा सकती है। लाइव डेमो के दौरान बताया जा रहा है कि-
• आपात स्थिति में घबराने के बजाय कैसे शांत रहना चाहिए !
• सही तरीके से छाती पर दबाव (Chest Compression) कैसे देना है!
• एंबुलेंस आने तक मरीज को स्थिर कैसे रखा जाए!
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आम नागरिकों को CPR का बुनियादी ज्ञान हो, तो सड़क दुर्घटनाओं, हार्ट अटैक और अन्य आपात स्थितियों में हजारों जानें बचाई जा सकती हैं।
आयुर्वेदिक परामर्श: परंपरा और आधुनिकता का संगम
पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, भारत पर्व में RHTC के माध्यम से आयुर्वेदिक परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक लोगों को उनकी जीवनशैली, खान-पान और दिनचर्या के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दे रहे हैं। आयुर्वेदिक परामर्श में विशेष रूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, तनाव कम करने, मौसमी बीमारियों से बचाव और प्राकृतिक और घरेलू उपचार पर जोर दिया जा रहा है। यह पहल भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण पर मार्गदर्शन
RHTC स्टॉल पर केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और पोषण पर भी व्यापक जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक मानसिकता किस प्रकार स्वस्थ जीवन की आधारशिला बनते हैं। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सत्रों में तनाव प्रबंधन, अवसाद और चिंता से निपटने के उपाय, कार्य-जीवन संतुलन और बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सरल भाषा में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह पहल खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में अभी भी जागरूकता की कमी देखी जाती है।
इंटरएक्टिव हेल्थ क्विज: सीखने का रोचक तरीका
भारत पर्व में आए लोगों के लिए RHTC ने इंटरएक्टिव हेल्थ क्विज का आयोजन भी किया है। इन प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, पोषण, टीकाकरण और सामान्य बीमारियों से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। क्विज का उद्देश्य लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षित करना है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी संदेश लंबे समय तक याद रह सकें।
‘Know Your Asha’ कॉर्नर: जमीनी स्वास्थ्य योद्धाओं की पहचान
RHTC स्टॉल का एक विशेष आकर्षण ‘नो योर आशा’ (Know Your ASHAs) कॉर्नर है। यहां आगंतुकों को मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (ASHAs) की भूमिका और योगदान के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। जानकारी दी जा रही है कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी गरीब इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और परिवार नियोजन में उनकी अहम भूमिका है और आशा कार्यकर्ता सरकार और समुदाय के बीच सेतु का कार्य करती हैं। इस कॉर्नर के माध्यम से लोगों को यह एहसास कराया जा रहा है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के बिना सार्वभौमिक स्वास्थ्य लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।
पर्यटन और स्वास्थ्य का अनोखा संगम
भारत पर्व का आयोजन पर्यटन मंत्रालय द्वारा किया जाता है, जिसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक, भौगोलिक और पारंपरिक विविधता को प्रदर्शित करना है। इस वर्ष इसमें स्वास्थ्य जागरूकता को जोड़कर यह संदेश दिया गया है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। पर्यटन मंत्रालय का कहना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य से जुड़े सकारात्मक संदेश पहुंचाए जा सकते हैं।
युवाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी
RHTC स्टॉल पर युवाओं और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। स्कूल और कॉलेज के छात्र CPR प्रशिक्षण में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कम उम्र से ही स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी जाए, तो आने वाली पीढ़ी अधिक जिम्मेदार और जागरूक बनेगी।
निवारक स्वास्थ्य: भविष्य की आवश्यकता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव के कारण गैर-संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को अपनाना समय की मांग है। भारत पर्व में RHTC की यह पहल लोगों को यह समझाने में सफल हो रही है कि-
• छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।
• नियमित जांच और जागरूकता से इलाज का खर्च कम किया जा सकता है।
जनभागीदारी से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
RHTC के अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य केवल सरकार या डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। भारत पर्व जैसे आयोजनों में लोगों की सीधी भागीदारी से स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। भारत पर्व 2026 में आरएचटीसी की सक्रिय भूमिका यह साबित करती है कि बड़े राष्ट्रीय आयोजनों को यदि सही दिशा दी जाए, तो वे स्वास्थ्य, जागरूकता और सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। लाइव सीपीआर डेमो, आयुर्वेदिक परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य मार्गदर्शन और ‘नो योर आशा’ जैसे प्रयास न केवल जानकारी दे रहे हैं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
यह पहल एक स्पष्ट संदेश देती है- स्वास्थ्य ही सच्चा उत्सव है, और जागरूक नागरिक ही राष्ट्र की असली ताकत हैं।
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