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January 25, 2026

Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड के लिए कैसे चुनी जाती हैं झांकियां? जानिए पूरी चयन प्रक्रिया

The CSR Journal Magazine
हर साल 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में निकलने वाली गणतंत्र दिवस परेड देश की शान मानी जाती है। इस परेड में शामिल रंग-बिरंगी झांकियां भारत की संस्कृति, विरासत, तकनीक और विकास की कहानी दुनिया के सामने पेश करती हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये झांकियां आखिर चुनी कैसे जाती हैं। गणतंत्र दिवस 2026 को लेकर भी लोगों के मन में यही सवाल है।

रक्षा मंत्रालय के हाथ में होती है जिम्मेदारी

गणतंत्र दिवस परेड के आयोजन की पूरी जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय की होती है। इसी वजह से झांकियों के चयन की प्रक्रिया भी रक्षा मंत्रालय ही तय करता है। इस काम में संस्कृति मंत्रालय भी सहयोग करता है, ताकि झांकियों में कला, संस्कृति और परंपरा की सही झलक दिखाई दे।

Republic Day 2026 की थीम क्या है?

इस साल गणतंत्र दिवस परेड की थीम दो बड़े विचारों पर आधारित है
स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्
समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत
इसी थीम के आसपास सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और सरकारी विभाग अपनी झांकियों की प्रस्तुति करते हैं।

झांकियों का चयन कैसे होता है?

झांकियों के चयन की प्रक्रिया काफी लंबी होती है और इसकी शुरुआत कई महीने पहले हो जाती है। सबसे पहले रक्षा मंत्रालय सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों से उनकी झांकी का स्केच या डिजाइन मांगा जाता है।

कड़े नियमों का पालन जरूरी

डिजाइन भेजते समय कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होता है। झांकी में प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया जाता और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री ही उपयोग में लाई जाती है। किसी भी तरह का विज्ञापन या लोगो लगाने की अनुमति नहीं होती। झांकी पर राज्य या विभाग का नाम सामने हिंदी में और पीछे अंग्रेजी में लिखा जाता है।

विशेषज्ञ समिति करती है जांच

रक्षा मंत्रालय कला, संस्कृति, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला और नृत्य जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक समिति बनाता है। यह समिति सभी प्रस्तावों को ध्यान से परखती है।

दो चरणों में होता है चयन

पहले चरण में डिजाइन की समीक्षा की जाती है और जरूरत पड़ने पर बदलाव सुझाए जाते हैं। दूसरे चरण में चयनित प्रतिभागियों को अपनी झांकी का 3D मॉडल समिति के सामने पेश करना होता है। जो झांकी दोनों चरणों में सफल रहती है, वही गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होती है। यानी गणतंत्र दिवस की झांकियां सिर्फ सुंदरता के आधार पर नहीं, बल्कि कड़ी जांच और लंबी प्रक्रिया के बाद चुनी जाती हैं, ताकि देश की सही तस्वीर दुनिया के सामने आ सके।
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