श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी इन दिनों जबलपुर में बने अपने आश्रम में भागवत कथा का आयोजन कर रहे हैं। यह कथा 9 फरवरी से 15 फरवरी तक चल रही है। आश्रम भेड़ाघाट के हीरापुर में है, लेकिन कथा की शुरुआत में ही कई समस्याएं सामने आईं। शुक्रवार को कथा का समय निर्धारित था, लेकिन कथा आधे घंटे देरी से शुरू हुई। जब दैनिक भास्कर ने उत्तम स्वामी से बात करने की कोशिश की, तो उनके शिष्य ने मिलने नहीं दिया। कथा स्थल पर बताया गया कि महामंडलेश्वर की तबीयत ठीक नहीं है। इस बीच, एक शिष्य ने व्यासपीठ से कथा की शुरुआत की।
राजस्थान की युवती के गंभीर आरोप
उत्तम स्वामी के खिलाफ राजस्थान की एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि स्वामी ने उसके साथ कई सालों से यौन शोषण किया है। युवती ने 12 फरवरी को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भेजकर सहायता मांगी है। उसने कहा कि जब उसने एफआईआर दर्ज कराने का मन बनाया, तब उसे धमकियां मिलने लगीं। पीड़ित लड़की ने कहा कि उत्तम स्वामी के करीबी लोग उस पर समझौते का दबाव बना रहे हैं।
जानिए युवती के दावे क्या हैं?
पीड़िता का कहना है कि उत्तम स्वामी ने उसे तब से शिकार बनाया, जब वह नाबालिग थी। उसने आरोप लगाया कि धर्म का सहारा लेकर उसे डराया गया और उसकी सारी कोशिशों को विफल कर दिया गया। उसने स्पष्ट किया है कि उसके पास सबूत हैं और वह कानून की मदद लेगी। पीड़िता के अनुसार, उसे डर है कि आरोपी और उसके करीबी लोग साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
आवश्यक सुरक्षा की मांग
युवती ने ई-मेल में लिखा है कि उसे और उसके परिवार के बारे में बहुत सी व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा की जा रही है, जिससे उसके जीवन में खतरा है। उसने 24×7 पुलिस सुरक्षा की मांग की है और यह आश्वासन चाहा है कि उसकी पहचान को गोपनीय रखा जाएगा। पीड़िता ने अपनी आपबीती को साझा करते हुए कहा है कि धर्म के नाम पर उसका शोषण किया गया।
राजनीति में उठे सवाल
उत्तम स्वामी पर लगे आरोपों के चलते मध्य प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मच गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार ने इस मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े नेताओं की जांच की मांग की है। हालांकि, भाजपा या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
कहानी यह है कि मामले ने जबलपुर और आसपास के क्षेत्र में काफी सुर्खियां बटोरी हैं। अब यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रशासन इस मामले में आगे बढ़ेगा और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं। मामला अभी ताजा है और इसके आगे क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी।