app-store-logo
play-store-logo
March 3, 2026

पहलगाम हमला: GoPro Hero 12 चीन में एक्टिवेट, NIA को मिली कोर्ट से मंजूरी

The CSR Journal Magazine

NIA की नजर में GoPro कैमरा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले में इस्तेमाल हुए GoPro Hero 12 कैमरे को चीन के एक डिस्ट्रीब्यूटर से ट्रेस किया है। बीजिंग से जानकारी मांगने के लिए NIA ने जम्मू कोर्ट से लेटर रोगेटरी (LR) जारी करने की मंजूरी ली है। नई दिल्ली में NIA की जांच के अनुसार, पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए हमले में इस कैमरे का उपयोग किया गया था। एजेंसी ने डिवाइस के बारे में जानकारी लेने के लिए बीजिंग से संपर्क किया है। जम्मू कोर्ट में NIA की तरफ से फाइल की गई एक एप्लीकेशन के मुताबिक, GoPro कैमरे की जानकारी हासिल करने के लिए LR भेजा जाएगा।

जम्मू कोर्ट का आदेश

सोमवार को जम्मू कोर्ट ने NIA को LR जारी करने की इजाज़त दी। इस आदेश को देखते हुए, मामले की जाँच के लिए कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की छानबीन की गई है। पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी मॉड्यूल द्वारा हमले से पहले की गतिविधियों की जानकारी हासिल करने के लिए GoPro Hero 12 Black Camera बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसका सीरियल नंबर C3501325471706 है, जो कि हमले की योजना बनाने में मददगार हो सकता है।

GoPro की सप्लाई चेन का सच

NIA ने नीदरलैंड में GoPro बनाने वाली कंपनी से डिवाइस के एक्टिवेशन की जानकारी मांगी थी। GoPro B.V. ने बताया कि कैमरा चीनी डिस्ट्रीब्यूटर AE ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड को सप्लाई किया गया था। इसे 30 जनवरी, 2024 को डोंगगुआन, चीन में एक्टिवेट किया गया। कोर्ट के आदेश के अनुसार, कंपनी ने आगे कहा कि उसके पास उस डिवाइस के डाउनस्ट्रीम ट्रांज़ैक्शन डिटेल्स नहीं हैं।

दुनिया में आतंकवाद का खतरा

यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पहलगाम हमले ने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया था। 22 अप्रैल को बैसरन के खूबसूरत घास के मैदान पर हुआ यह हमला देश के लिए एक गंभीर चुनौती बना। भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर की शुरूआत की और 10 मई के सीज़फायर के पहले पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। इस हमले ने न सिर्फ भारत की सुरक्षा के मुद्दे को और गंभीर बनाया, बल्कि आतंकी गतिविधियों को लेकर नए सवाल उठाए।

चीनी अधिकारियों की भूमिका

NIA के लिए अब जरूरी है कि वह चीनी अधिकारियों की न्यायिक मदद से इस डिवाइस के खरीददार और एंड-यूजर का पता लगाए। यह जानकारी हासिल करने के लिए LR भेजने की अपील की गई है। इंटरनेट और तकनीक के इस युग में, ऐसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ट्रेस करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है, लेकिन NIA अपनी जाँच में किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहती। इस समय यह मामला भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos