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ठाकरे का “राज” आया, अब क्या मिलेगा 10 रुपये में खाना, क्या बच पायेगा आरे ?

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महीना भर पहले हर नेता, हर एक मंच से जनता के पास जाता और ऐसे ऐसे वादे करता की मानों जीतने के बाद रामराज्य में जनता का ऐसा वक़्त होगा कि हर एक शख्स की पांचों उंगलियां घी में होंगी, हर एक पार्टियों ने अपने अपने मेनिफेस्टों को ऐसे भुनाया कि मानों रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाई लेकिन मेनिफेस्टों में लिखी बात कभी झूठी नहीं होई। वचननामा, जाहीरनामा, शपथपत्र जैसे बड़े बड़े नाम मेनिफेस्टों को दिए गए, लोकलुभावन वादे किये गए, इन मेनिफेस्टों में ऐसी ऐसी बातें लिखीं गई कि जनता भी सोचती थी कि वाह ! क्या है हमारे नेता, हमारे नेता कितने अच्छे है, कितना अच्छा हमारे बारें में सोचते है। लेकिन अब वक़्त है इन तीन पार्टियों की तिकड़म सरकार को साबित करने के लिए, उद्धव ठाकरे, शरद पवार, बालासाहेब थोराट यही वक़्त है अब आप सरकार में है और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरिये और जो वादा किया है वो निभाईये।
चुनावी नतीजे आने के बाद सरकार बनाने की जुगत में तीनों पार्टियां एक साथ आई बावजूद इसके कि शिवसेना और कांग्रेस एनसीपी की विचारधारा बिलकुल विरुध्द था, लेकिन कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाकर जनता के लिए काम करने का भरोसा इन पार्टियों ने दिया है , अब यही वक़्त है कि उद्धव ठाकरे बताएं कि कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना द्वारा वादा कब तक पूरा होगा। छह दिन पहले की बात है। शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के ठाकरे परिवार के ऐसे पहले सदस्य होने वाले थे, जिसके सिर पर सत्ता का ताज सजता। तब समीकरण बदलने से सत्ता उनसे दूर हो गई थी। लेकिन, मंगलवार को समीकरण फिर बदले। और इस बार यह तय हो गया कि ताज उद्धव के सिर पर ही सजेगा। देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस मिलकर राज्य में सरकार बनाने जा रहे हैं और मुख्यमंत्री होंगे उद्धव ठाकरे।
लेकिन उद्धव जी आपको याद होगा कि सत्ता पाने के लिए आपने वादे किये थे कि जनता को 10 रुपये में भर पेट खाना देंगे, आरे को बचाएंगे, पेड़ तो कट गया, कोर्ट के आदेश के बाद जस की तस स्तिथि बरक़रार है लेकिन आप मुख्यमंत्री बनने के बाद क्या आरे में बननेवाला कारशेड दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होगा ये अब सभी पर्यावरण प्रेमी पूछ रहे है। 300 यूनिट तक बिजली का उपयोग करनेवालों के बिलों में 30 प्रतिशत छूट देने वादा, इसके अलावा एक समृद्ध महाराष्ट्र बनाने के लिए गांवों में ‘वन रुपी स्वास्थ्य केंद्र’ शुरू करने का भी वादा उद्धव जी ये सब याद है ना। यहाँ तक कि कांग्रेस एनसीपी ने ग्लोबल वार्मिंग को भी अपने मेनिफेस्टों में जगह दी थी। किसानों के लिए फौरन कर्जमाफी, युवाओं को 5 हज़ार रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता, कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 21 हज़ार ये तमाम वादों पर महाविकास गठबंधन को खरा उतरना पड़ेगा।