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February 7, 2026

छत्तीसगढ़ का NIT रायपुर देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल, ₹60 लाख का रिकॉर्ड पैकेज चर्चा में! 

The CSR Journal Magazine

छत्तीसगढ़ NIT रायपुर से ग्लोबल उड़ान, छात्र को ₹60 लाख का ऑफर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT रायपुर) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि गुणवत्ता, प्रतिभा और अवसरों का संगम किसी महानगर तक सीमित नहीं है। हालिया कैंपस प्लेसमेंट सीज़न में संस्थान के एक छात्र को ₹60 लाख वार्षिक पैकेज मिलने की खबर ने न सिर्फ शैक्षणिक जगत बल्कि पूरे राज्य में उत्साह की लहर पैदा कर दी है। यह उपलब्धि NIT रायपुर को देश के टॉप   इंजीनियरिंग कॉलेजों की कतार में मजबूती से खड़ा करती है।

प्लेसमेंट में नया रिकॉर्ड, छात्रों का बढ़ता आत्मविश्वास

वर्ष 2025–26 के प्लेसमेंट सत्र में NIT रायपुर का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे कोर ब्रांचों से बड़ी संख्या में छात्रों को आकर्षक पैकेज मिले। ₹60 लाख का यह पैकेज अब तक के सर्वाधिक पैकेजों में से एक माना जा रहा है, जिसने संस्थान की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है। संस्थान प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष औसत पैकेज और प्लेसमेंट प्रतिशत, दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी कंपनियों की मजबूत मौजूदगी

NIT रायपुर अब केवल एक क्षेत्रीय संस्थान नहीं रहा, बल्कि ग्लोबल टेक कंपनियों का पसंदीदा कैंपस बन चुका है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, अडोबी, एक्सेंचर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां नियमित रूप से यहां से भर्ती कर रही हैं। IT के साथ-साथ कोर इंजीनियरिंग और रिसर्च आधारित कंपनियों की भागीदारी ने छात्रों के लिए अवसरों के दायरे को और व्यापक बना दिया है।

बेहतरीन फैकल्टी और आधुनिक लैब बनीं सफलता की नींव

NIT रायपुर की सफलता के पीछे यहाँ की अनुभवी फैकल्टी, रिसर्च-ओरिएंटेड पढ़ाई और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। संस्थान में इंडस्ट्री-एकेडेमिया कोलैबोरेशन पर विशेष जोर दिया जाता है, जिससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप का अनुभव हासिल कर पाते हैं।  डिजिटल क्लासरूम, हाई-एंड कंप्यूटिंग लैब, स्टार्टअप और इनोवेशन सेल ने छात्रों को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनने की दिशा में भी प्रेरित किया है।

एडमिशन प्रक्रिया: JEE Main और JoSAA काउंसलिंग

NIT रायपुर में दाखिला पाना हर इंजीनियरिंग अभ्यर्थी का सपना होता है। यहां एडमिशन JEE Main परीक्षाके माध्यम से होता है। परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को JoSAA (जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी) काउंसलिंग के जरिए रैंक और पसंद के अनुसार सीट आवंटित की जाती है। देशभर के प्रतिभाशाली छात्र इस प्रक्रिया के माध्यम से NIT रायपुर का हिस्सा बनते हैं, जिससे कैंपस में विविधता और प्रतिस्पर्धा का स्वस्थ माहौल बनता है।

छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा का नया केंद्र

NIT रायपुर की यह सफलता केवल एक संस्थान की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह साबित करता है कि सही नीतियों, संसाधनों और समर्पण के साथ राज्य स्तर से राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान हासिल की जा सकती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में NIT रायपुर रिसर्च, इनोवेशन और प्लेसमेंट, तीनों मोर्चों पर नई ऊँचाइयों को छुएगा। ₹60 लाख के रिकॉर्ड पैकेज से लेकर वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी तक, NIT रायपुर आज भारत के उभरते इंजीनियरिंग हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है, जो देश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहा है।

NIT रायपुर की उड़ान: शिक्षा, अवसर और आत्मनिर्भर भारत की कहानी

छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर आज सिर्फ एक शैक्षणिक परिसर नहीं, बल्कि नए भारत की बदलती शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक बनता जा रहा है। हालिया कैंपस प्लेसमेंट में एक छात्र को मिला ₹60 लाख का पैकेज महज़ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उस सामूहिक प्रयास का परिणाम है, जिसमें संस्थान, शिक्षक, छात्र और नीतिगत समर्थन, सभी की भूमिका शामिल है।लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग अवसर केवल कुछ चुनिंदा महानगरों और पुराने प्रतिष्ठित संस्थानों तक सीमित हैं। लेकिन NIT रायपुर की प्रगति इस सोच को तोड़ती है। यह दिखाती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैश्विक अवसर अब क्षेत्रीय सीमाओं में बंधे नहीं हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारतीय प्रतिभा की मांग

संस्थान की सबसे बड़ी ताकत उसकी अकादमिक गंभीरता और व्यावहारिक दृष्टिकोण है। आधुनिक  प्रयोगशालाएं, इंडस्ट्री-लिंक्ड पाठ्यक्रम और अनुभवी फैकल्टी ने छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि कुशल प्रोफेशनल बनाया है। यही कारण है कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी वैश्विक कंपनियां अब NIT रायपुर को भरोसेमंद टैलेंट पूल के रूप में देख रही हैं। ₹60 लाख का पैकेज भले ही सुर्खियां बटोर रहा हो, लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण है औसत पैकेज और प्लेसमेंट प्रतिशत में निरंतर सुधार। यह संकेत देता है कि सफलता कुछ चुनिंदा छात्रों तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर संस्थागत मजबूती का परिणाम है।

शिक्षा में समान अवसर की जरूरत

साथ ही, JEE Main और JoSAA जैसी पारदर्शी प्रवेश प्रक्रियाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि प्रतिभा को अवसर मिले, चाहे वह किसी भी सामाजिक या भौगोलिक पृष्ठभूमि से क्यों न आती हो। यह पहल शिक्षा में समान अवसर की उस भावना को मजबूत करती है, जो लोकतांत्रिक भारत की नींव है। हालांकि, इस सफलता के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। चुनौती यह है कि प्लेसमेंट के आंकड़ों से आगे बढ़कर रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति को और सशक्त किया जाए, ताकि NIT रायपुर केवल जॉब देने वाला संस्थान न रहकर ज्ञान और समाधान पैदा करने वाला केंद्र बने। अंतत: NIT रायपुर की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है और देश के लिए एक संदेश- यदि नीयत, नीति और निवेश सही दिशा में हों, तो प्रतिभा कहीं भी चमक सकती है।

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