सेहत का रखें खास ख्याल, वरना बढ़ सकती हैं दिक्कतें
Navratri Fasting Tips: नवरात्रि का पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि शरीर और मन को शुद्ध करने से भी जुड़ा होता है। इस दौरान कई लोग पूरे नौ दिनों तक उपवास रखते हैं। लेकिन अक्सर व्रत के दौरान खान-पान में की गई छोटी-सी गलती भी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का कारण बन जाती है। अगर आप चाहते हैं कि व्रत के दिनों में कमजोरी, थकान और एसिडिटी जैसी परेशानियां न हों, तो आपको अपनी डाइट और दिनचर्या में कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा।
Navratri Fasting Tips: व्रत के दौरान क्यों होती है कमजोरी?
Navratri Fast रखने वाले लोग अक्सर पर्याप्त पोषण नहीं ले पाते। शरीर को प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते, जिससे थकान, चक्कर आना और कमजोरी महसूस होती है। कई बार हड्डियों में दर्द और पाचन संबंधी समस्याएं भी सामने आती हैं।
इस तरह करें व्रत की शुरुआत
डॉक्टरों के अनुसार दिन की शुरुआत गर्म पानी और कड़ी पत्ते से करना फायदेमंद रहता है। इसके बाद नाश्ते में हल्के फल और मेवे जरूर शामिल करें। दिन भर में बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का भोजन करना शरीर के लिए बेहतर होता है। रात का खाना भी हल्का और संतुलित होना चाहिए।
इन चीजों को जरूर शामिल करें
प्रोटीन और फाइबर – मूंगफली, बादाम, अखरोट और फल व्रत में बेहतरीन विकल्प हैं।
आयरन और कैल्शियम – दूध, पनीर और मखाना शरीर को ऊर्जा देते हैं।
फल और सब्जियां – मौसमी फल और सेंधा नमक से बनी सब्जियां जरूरी पोषण देती हैं।
उपवास के दौरान आम गलतियां
व्रत रखने वाले कई लोग कुछ आदतों के कारण सेहत पर बोझ डाल लेते हैं। जैसे – भूखे रहने के बाद अचानक तला-भुना खाना खा लेना। पानी कम पीना, जिससे डिहाइड्रेशन हो जाता है। खाली पेट दही खाना, जिससे एसिडिटी बढ़ जाती है। नींद पूरी न करना, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है।
Navratri Fasting Tips: सेहत और श्रद्धा का रखें संतुलन
Navratri Fast Kaise Kare, यह सवाल हर साल लाखों श्रद्धालु पूछते हैं। उपवास का असली उद्देश्य संयम और शुद्धता है। इसलिए इस दौरान खान-पान ऐसा होना चाहिए जो शरीर को ऊर्जा भी दे और पाचन पर बोझ भी न डाले। अगर आप ऊपर बताए गए टिप्स को फॉलो करेंगे, तो पूरे नौ दिनों तक बिना कमजोरी के आसानी से व्रत रख सकेंगे और सेहत भी बरकरार रहेगी।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
As environmental, social and governance expectations continue to reshape the business landscape, corporate responsibility has moved firmly to the centre of strategic decision-making. In...