Green Airport Zero Emission: पर्यावरण संरक्षण और स्थायी विकास की दिशा में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) देश के लिए एक नया मानक तय करने जा रहा है। यहां तकनीक और हरियाली का ऐसा संगम होगा, जो आने वाले समय में भारत के हर एयरपोर्ट के लिए मिसाल बनेगा। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) को भारत का पहला “Sustainable Airport Model” बनाया जा रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा बल्कि पूरी तरह पर्यावरण-संवेदनशील भी होगा। इसका मकसद है हवाई सफर को Eco-Friendly बनाना और Zero Emission Airport की दिशा में आगे बढ़ना।
Green Airport Zero Emission: सोलर एनर्जी से चलने वाला एयरपोर्ट
एयरपोर्ट के अंतिम चरण में 47 मेगावाट (MW) सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट की ज्यादातर ऊर्जा जरूरतें खुद पूरी होंगी। इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी और मुंबई का यह नया हवाई अड्डा देश के Green Infrastructure का प्रतीक बनेगा।
Green Airport Zero Emission: पानी की हर बूंद का होगा सही इस्तेमाल
NMIA में Rainwater Harvesting System और Recycled Wastewater Use की व्यवस्था की गई है। इससे न सिर्फ जल संरक्षण होगा बल्कि एयरपोर्ट का Water Footprint भी कम होगा। एयरपोर्ट परिसर में लगाई जाने वाली हरियाली और गार्डन एरिया की सिंचाई भी इसी पुनर्नवीनीकृत पानी से होगी।
Zero Emission की दिशा में तकनीक का कमाल
यहां आने-जाने के लिए Electric Vehicles (EVs) का इस्तेमाल होगा। साथ ही, यात्रियों के आंतरिक आवागमन के लिए Automated People Movers (APMs) यानी ड्राइवरलेस इलेक्ट्रिक शटल्स होंगी। इन सभी उपायों से NMIA पूरी तरह Zero Emission Airport बनने की दिशा में अग्रसर है।
ऊर्जा की बचत और पर्यावरणीय संतुलन
एयरपोर्ट का निर्माण Passive Cooling Design के तहत किया गया है, जिससे एयर कंडीशनिंग पर निर्भरता घटेगी और ऊर्जा की बचत होगी। इसके अलावा निर्माण कार्य में Rockfill Method अपनाया गया है, जिससे जमीन का कटाव और पर्यावरणीय नुकसान न्यूनतम रहा। इस पद्धति से पहाड़ काटने की बजाय पत्थरों से जमीन समतल की गई, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बना रहा।
भविष्य का ग्रीन मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट भारत में Green Aviation Infrastructure की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह प्रोजेक्ट यह साबित करेगा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। आने वाले समय में यह मॉडल देश के अन्य एयरपोर्ट्स जैसे दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए भी प्रेरणा बनेगा। नवी मुंबई एयरपोर्ट केवल एक modern airport नहीं, बल्कि भारत के हरित भविष्य की प्रतीक परियोजना है। यह साबित करेगा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि हकीकत में भी संभव है। आने वाले वर्षों में जब यहां से उड़ानें भरेंगी, तो सिर्फ विमान नहीं बल्कि “ग्रीन इंडिया” का सपना भी उड़ान भरेगा।
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