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January 5, 2026

मुंबई ट्रैफिक अपडेट: 6 जनवरी को दादर और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंध, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी!

The CSR Journal Magazine

 

मुंबई में अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर 6 जनवरी 2026 को दादर स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने भीड़ और संभावित जाम की स्थिति से  निपटने के लिए अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 6 जनवरी को दादर–सिद्धिविनायक इलाके में ट्रैफिक प्रतिबंध

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर 6 जनवरी 2026 को दादर स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने सख्त ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख सड़कों पर अस्थायी प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू किए जाएंगे।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, ये प्रतिबंध 6 जनवरी 2026 को सुबह 6:00 बजे से रात 12:00 बजे तक लागू रहेंगे। यदि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यकता पड़ी, तो यह अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है।

इन सड़कों पर यातायात प्रभावित रहेगा

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण दादर और आसपास के निम्नलिखित मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है:
1. स्वातंत्र्यवीर सावरकर रोड (S.V.S. Road)
2. एस. के. बोले रोड
3. गोखले रोड (दक्षिण व उत्तर)
4. काकासाहेब गाडगिल मार्ग
5. सयानी रोड !

पूरी तरह बंद रहने वाले मार्ग (Road Closures)

मुंबई ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
1. गोखले रोड से एस. के. बोले रोड की ओर सभी प्रकार के वाहनों के लिए नो एंट्री रहेगी।
2. गोखले रोड से दत्ता राउल रोड और एन. एम. काले रोड पर भी सभी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।
3. आगर बाजार जंक्शन से एस. के. बोले रोड पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।
4. सिद्धिविनायक मंदिर जंक्शन से एस. के. बोले रोड, आगर बाजार और पुर्तगाली चर्च तक एस.वी.एस. रोड पूरी तरह बंद रहेगा।
5. लेनिनग्राद चौक से शंकर घाणेकर मार्ग की ओर दाएं मोड़ और रवींद्रनाथ नाट्य मंदिर से सयानी रोड की ओर बाएं मोड़ को बंद रखा जाएगा।

स्थानीय निवासियों को राहत

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सिद्धिविनायक मंदिर के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों को  आवश्यकता अनुसार अपने गंतव्य तक जाने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, उन्हें पहचान या पते से संबंधित जानकारी दिखाने के लिए कहा जा सकता है।

पुलिस की अपील

मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
• अनावश्यक रूप से दादर क्षेत्र में प्रवेश से बचें,
• वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें,
• सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक प्रयोग करें,
• ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार संकष्टी चतुर्थी प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है, जो भगवान श्री गणेश को समर्पित होती है। जब यह चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ती है, तब इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थीकहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह दिन वर्ष की सभी संकष्टी चतुर्थियों में सबसे अधिक फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु दिनभर उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद भगवान गणेश की पूजा कर व्रत का पारण करते हैं। मान्यता है कि अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के व्रत से जीवन के संकट दूर होते हैं, रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं और स्वास्थ्य, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है, कर्ज, रोग और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। मंगलवार को भगवान गणेश के साथ-साथ मंगल ग्रह का भी विशेष प्रभाव माना जाता है, इसलिए इस दिन की गई पूजा शीघ्र फल देने वाली मानी जाती है।

श्री सिद्धिविनायक मंदिर का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व

मुंबई के दादर स्थित श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां विराजमान भगवान गणेश की मूर्ति दाईं सूंड वाली है,  जिसे अत्यंत जाग्रत और सिद्धिदायक माना जाता है। मान्यता है कि सिद्धिविनायक में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती। यह मंदिर विघ्नों को दूर करने वाला, सफलता (सिद्धि) और बुद्धि प्रदान करने वाला, व्यापार, नौकरी, शिक्षा और राजनीति में उन्नति देने वाला माना जाता है। देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियां, राजनेता, कलाकार और आम श्रद्धालु नियमित रूप से यहां दर्शन के लिए आते हैं।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पर सिद्धिविनायक का विशेष महत्व

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के दिन सिद्धिविनायक मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। इस दिन मंदिर में विशेष अभिषेक और पूजा-अर्चना होती है, गणेश मंत्रों और भजनों से पूरा परिसर गूंज उठता है। इस दिन मंदिर में देर रात तक दर्शन की व्यवस्था की जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के दिन सिद्धिविनायक के दर्शन करने से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता हैऔर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश की आराधना का अत्यंत शुभ और प्रभावशाली दिन है, जबकि श्री सिद्धिविनायक मंदिर आस्था, विश्वास और चमत्कार का प्रतीक माना जाता है। जब यह पावन तिथि  सिद्धिविनायक के दर्शन से जुड़ जाती है, तो श्रद्धालुओं के लिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
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