मुंबई में सार्वजनिक परिवहन को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की एक बड़ी घोषणा की है। बजट पेश करते समय बताया गया कि Mumbai Metro Line 11 को अब आगे बढ़ाकर Bandra Terminus तक किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य शहर में पूर्व-पश्चिम दिशा में आवागमन को आसान बनाना और यात्रियों का यात्रा समय कम करना है। पहले इस मेट्रो लाइन की योजना वडाला से Gateway of India तक लगभग 16.5 किलोमीटर लंबी बनाई जाने की थी। अब इसमें करीब 6.9 किलोमीटर का अतिरिक्त विस्तार जोड़ा जाएगा, जिससे इसकी कुल लंबाई लगभग 23.4 किलोमीटर हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट का निर्माण और संचालन Mumbai Metro Rail Corporation Limited(MMRCL) द्वारा किया जाएगा।
14 की जगह अब होंगे 19 स्टेशन
मेट्रो लाइन के विस्तार के साथ स्टेशनों की संख्या भी बढ़ेगी। पहले जहां 14 स्टेशन प्रस्तावित थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 19 हो जाएगी। नए प्रस्तावित स्टेशनों में Chunabhatti, Sion, Dharavi (सेंट्रल धारावी), Bandra West और बांद्रा टर्मिनस शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार मेट्रो लाइन पहले वडाला पर समाप्त होने वाली थी, जिसे भविष्य के एक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। लेकिन नई योजना के अनुसार यह लाइन Sewri से भूमिगत होकर आगे बढ़ेगी, पुनर्विकास हो रहे धारावी क्षेत्र के नीचे से गुजरेगी, Mithi River को पार करेगी और अंत में बांद्रा टर्मिनस तक पहुंचेगी।
धारावी- बांद्रा के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी
इस विस्तार को मुंबई में पूर्व और पश्चिम हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। धारावी और बांद्रा टर्मिनस जैसे बड़े इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने से हजारों यात्रियों का रोजाना का सफर आसान और तेज होने की उम्मीद है। इस परियोजना की लागत को भी अब फिर से आंका जाएगा। पहले इस मेट्रो कॉरिडोर के लिए लगभग 23,487 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था, लेकिन लाइन के विस्तार के कारण कुल लागत में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
BMC-MPA से मिलेगी फंडिंग
यह परियोजना सितंबर 2025 में राज्य मंत्रिमंडल से मंजूर हो चुकी थी। फंडिंग के लिए कई एजेंसियों की भागीदारी तय की गई थी। Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) को 2,411 करोड़ रुपये और Mumbai Port Authority को 804 करोड़ रुपये का योगदान देना है, क्योंकि यह मेट्रो लाइन उनके क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी।
केंद्र और राज्य सरकार की भी भागीदारी
इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार भी इस परियोजना में बराबर योगदान देंगी और प्रत्येक से करीब 3,137 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। परियोजना की बड़ी राशि संस्थागत ऋण से भी जुटाई जाएगी। लगभग 12,163 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना है, जो कुल लागत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होगा। सरकार का मानना है कि मेट्रो लाइन-11 का यह विस्तार मुंबई के बढ़ते परिवहन दबाव को कम करने में मदद करेगा और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगा।
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