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मुंबई में मौत बांटती बीएमसी

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open drain
Open drain where the toddler fell in Goregaon, Mumbai
 
देश की सबसे बड़ी और अमीर महानगर पालिका बीएमसी मुंबई में मौत बांटती है, मुंबई की महानगर पालिका बीएमसी मुंबईकरों को गटर का ‘कीड़ा’ समझती है, दौड़ती भागती जिंदगी में अगला कदम मौत का होगा ये मुंबईकर नहीं जानते। 3 करोड़ की आबादी वाले मुंबई को सपनों की नगरी कहते है लेकिन इसी ड्रीम सिटी में कब कहाँ और कैसे मौत आ जाये इस बात से मुंबई के लोग अनजान और बेफिक्र होकर अपने अपने सपने को पूरा करने में जुटे रहते है।
मौत का कारण जब कोई सरकारी लापरवाही हो तो प्रसाशन की जवाबदेही और ज्यादा बन जाती है। लेकिन जब भी मुंबई में इस तरह की घटनाएं हुई क्या प्रशासन, क्या शासन हर कोई मौन हो जाता है और यही पीड़ित पक्ष के लिए दुखदाई होता है। कम से कम पिछ्ले गलती से सबक लेने के बजाय ये प्रसाशनिक अमलों के लोग अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से दूर भागते हैं। और यही कारण है कि मौत की लापरवाही का।
ऐसा ही एक मौत की लापरवाही है दिव्यांशु का गायब हो जाना, बुधवार से गुरुवार, शुक्रवार और आज सोमवार हो गया लेकिन दिव्यांशु का अभी तक कुछ पता नही चल सका, यहां तक कि 6 दिन बाद भी दिव्यांशु का सुराग तक नही लग सका। दिव्यांशु की जिंदगी के लिए दुआओं का दौर जारी है, एक आस, एक उम्मीद अभी भी दिव्यांशु के माता पिता में बरकरार है कि उनके मासूम की कोई तो खोज ख़बर आएगी और एक बार फिर से हंसता खिलखिलाता दिव्यांशु की आवाज घर में गूंजेगी।
डेढ़ साल के दिव्यांशु सिंह की बस इतनी-सी गलती थी कि वह बुधवार की रात गोरेगांव के अंबेडकर नगर स्थित खोली से सामान खरीदने निकले पिता सूरजभान सिंह को ढूंढते-ढूंढते घर से निकल कर मेन रोड पर आ गया था। उसे पिता तो नहीं मिले लेकिन वह खुद कहां चला गया यह अभी तक किसी को पता नहीं चल पाया है। करीब तीन दिन तक युद्धस्तर पर गटर, सीवर, नाला, मैंग्रोव और समंदर की खाक छान मारने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ ने खोजबीन अभियान बंद कर दिया। लेकिन पुलिस और बीएमसी को आस है कि दिव्यांशु कहीं न कहीं जरूर मिल जाएगा।
पिता सूरजभान सिंह बीएमसी को लापरवाह मानकर स्थानीय बीएमसी के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं, दिव्यांशु के परिजन दिंडोशी पुलिस परिसर में अनशन पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि दिव्यांश को प्रशासन खोज कर लाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो।गौरतलब है कि बुधवार की रात 10:24 बजे दिव्यांशु गटर में गिर कर लापता हो गया था। बीएमसी के लापरवाही का ये कोई पहला मामला नही है, एक आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पिछले साढ़े पांच सालों में मुंबई शहर में मैनहॉल, गटर, समुन्द्र में कुल 639 दुर्घटनाओं में 328 लोगों की मौत हो चुकी है। और कहीं न कहीं बीएमसी और सरकार इन मौतों के पीछे जिम्मेदार है।