Mumbai SRA News: शहर में रुकी और लंबी प्रक्रिया वाली पुनर्विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए जल्द ही AI आधारित मुंबई पुनर्विकास पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य पुनर्विकास की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और आसान बनाना है। इसके जरिए हाउसिंग सोसाइटी, डेवलपर, आर्किटेक्ट, वकील, वित्तीय संस्थान और सरकारी एजेंसियां एक ही मंच पर जानकारी हासिल कर सकेंगी। प्रस्तावित पोर्टल पर सोसाइटी अपनी जमीन और परियोजना से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेगी। पुराने पुनर्विकास प्रोजेक्ट के आंकड़ों के आधार पर पोर्टल संभावित लागत, समय और जोखिम का अनुमान लगाने में मदद करेगा। इससे सोसाइटियों को डेवलपर चुनने और परियोजना की व्यवहार्यता समझने में आसानी होगी।
Mumbai SRA News: BMC, MHADA और SRA के GIS से जुड़ेगा पोर्टल
प्रस्तावित पोर्टल में GIS मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए जमीन के हिस्से, जोनिंग, स्लम की सीमाएं और पुनर्विकास की संभावनाओं की पहचान की जा सकेगी। इसे BMC, MHADA और SRA के GIS सिस्टम से जोड़ने की योजना है। इससे मुंबई में पुनर्विकास से जुड़ी जानकारी अलग-अलग विभागों में तलाशने के बजाय एक ही डिजिटल मंच पर मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और सोसाइटियों को सही फैसले लेने में मदद मिलेगी।
Mumbai SRA News: एक जगह मिलेगी पूरी जानकारी
पोर्टल पर मुंबई के अलग-अलग पुनर्विकास मॉडल की तुलना भी की जा सकेगी। इसमें सेल्फ-रिडेवलपमेंट, डेवलपर आधारित प्रोजेक्ट और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) जैसे विकल्प शामिल होंगे। इनके आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके साथ ही पोर्टल पर आर्किटेक्ट, डेवलपर, कानूनी विशेषज्ञ, सलाहकार, बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए भी एक तरह का बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सोसाइटियां अपनी जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ और वित्तीय संस्थान चुन सकेंगी।
मंजूरी और एनओसी की प्रक्रिया होगी आसान
फिलहाल पुनर्विकास परियोजनाओं में कई तरह की मंजूरियों और एनओसी की जरूरत पड़ती है। अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने में काफी समय लगता है। प्रस्तावित पोर्टल पर परियोजना की स्थिति, जरूरी मंजूरियों और संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी। सोसाइटी ऑनलाइन परियोजना की जानकारी जमा कर सकेगी और मंजूरियों को ट्रैक भी कर सकेगी।
AI आधारित व्यवस्था परियोजना की व्यवहार्यता का भी आकलन करेगी। इसमें जमीन का आकार, इमारत की उम्र और वहां रहने वाले लोगों की संख्या जैसे आंकड़ों को देखा जाएगा। इसके आधार पर सेल्फ-रीडेवलपमेंट या डेवलपर के जरिए पुनर्विकास जैसे विकल्पों की तुलना की जा सकेगी।
AI बताएगा लागत और संभावित समस्याएं
पोर्टल पर AI और मशीन लर्निंग की मदद से परियोजना में संभावित गड़बड़ियों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। इसमें जमीन या दावों से जुड़े ओवरलैप, अतिक्रमण और दूसरी विसंगतियों की पहचान शामिल है। AI यह भी अनुमान लगाने में मदद करेगा कि किसी पुनर्विकास परियोजना का आसपास के यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं पर कितना असर पड़ सकता है। इसके अलावा प्रत्येक सोसाइटी की जरूरत के आधार पर संभावित वित्तीय संस्थानों की जानकारी भी दी जा सकती है।
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