मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, खेल से लेकर ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तक व्यापक रोडमैप! रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में एक ऐतिहासिक निवेश का ऐलान किया। अगले पांच वर्षों में गुजरात में कुल ₹7,00,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा जो पिछले पांच वर्षों में किए गए ₹3.5 लाख करोड़ से दोगुना है।
मुकेश अंबानी का गुजरात में बड़ा निवेश ऐलान, 2036 ओलिंपिक सपोर्ट को दी मुख्य भूमिका
देश के सबसे बड़े उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुजरात में अगले पांच वर्षों के दौरान ₹7 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश न केवल औद्योगिक विस्तार से जुड़ा है, बल्कि खेल, स्मार्ट शहरों, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल और सामाजिक ढांचे के विकास को भी समाहित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत की 2036 ओलिंपिक मेजबानी की दावेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम आधार तैयार कर सकता है।
पिछले निवेश से दोगुना, भविष्य पर फोकस
रिलायंस समूह इससे पहले गुजरात में लगभग ₹3.5 लाख करोड़ का निवेश कर चुका है। नया निवेश पैकेज उससे दोगुना है और इसे लॉन्ग-टर्म विजन के तहत तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह पूंजी राज्य को वैश्विक विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। निवेश योजना में विश्व-स्तरीय खेल सुविधाओं, एथलीट ट्रेनिंग सेंटर और मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के विकास पर जोर दिया गया है। रिलायंस फाउंडेशन पहले से ही देश में खेल प्रतिभाओं को सहयोग दे रहा है और अब गुजरात में उभरते खेल ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की तैयारी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि भारत 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की दौड़ में आगे बढ़ता है, तो गुजरात का मजबूत खेल और शहरी ढांचा उसकी बड़ी ताकत बन सकता है।
स्मार्ट शहर, आधुनिक परिवहन, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल क्रांति
निवेश के तहत स्मार्ट अर्बन डेवलपमेंट, मेट्रो और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स हब और आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क विकसित किए जाएंगे। इससे न केवल बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी आसान होगी, बल्कि राज्य की आर्थिक क्षमता भी बढ़ेगी। रिलायंस का फोकस ग्रीन एनर्जी पर भी रहेगा। जामनगर और कच्छ क्षेत्र में क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी स्टोरेज से जुड़े निवेश प्रस्तावित हैं। साथ ही, AI-रेडी डेटा सेंटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए गुजरात को डिजिटल हब बनाने की योजना है।
रोजगार और सामाजिक विकास
इस बड़े निवेश से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास से जुड़ी परियोजनाएं भी योजना का हिस्सा हैं, जिससे स्थानीय आबादी को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
2036 ओलिंपिक की ओर बढ़ता कदम
हालांकि 2036 ओलिंपिक की मेजबानी को लेकर आधिकारिक फैसला भविष्य में होगा, लेकिन उद्योग, सरकार और खेल संस्थानों की साझा तैयारी यह संकेत देती है कि भारत इस दिशा में ठोस आधार तैयार कर रहा है। ₹7 लाख करोड़ का यह निवेश सिर्फ आर्थिक घोषणा नहीं, बल्कि भारत के वैश्विक खेल और विकास सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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