महाराष्ट्र की बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MSETCL) और महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (MSPGCL) ने 765 kV ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स के लिए आपसी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार TBCB यानी Tariff Based Competitive Bidding फ्रेमवर्क के तहत आने वाली परियोजनाओं के लिए किया गया है।
ट्रांसमिशन सेक्टर में बड़ी साझेदारी
इस MoU के तहत MSETCL और MSPGCL मिलकर महाराष्ट्र में प्रस्तावित 765 kV की बड़ी ट्रांसमिशन लाइनों के लिए संयुक्त रूप से बोली लगाएंगे। इस सहयोग में MSETCL अपनी मजबूत Transmission Planning, System Operation और Project Execution की क्षमता का इस्तेमाल करेगी, जबकि MSPGCL बड़े बिजली प्रोजेक्ट्स के निर्माण और तकनीकी अनुभव का योगदान देगी। माना जा रहा है कि इस साझेदारी से राज्य की बिजली ट्रांसमिशन क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता
इस अहम समझौते पर हस्ताक्षर दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में किए गए। MSETCL की ओर से चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संजीव कुमार (IAS) और MSPGCL की ओर से चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राधाकृष्णन बी. (IAS) मौजूद रहे।
महाराष्ट्र के ग्रिड को मिलेगा फायदा
इस रणनीतिक पहल से न सिर्फ MSETCL की पहचान देश की अग्रणी State Transmission Utility के रूप में और मजबूत होगी, बल्कि महाराष्ट्र के पावर ग्रिड को भी भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जा सकेगा। बढ़ती बिजली मांग, नई बिजली परियोजनाओं और रिन्यूएबल एनर्जी के बेहतर Power Evacuation के लिए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 765 kV जैसे हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स से बिजली की आपूर्ति ज्यादा भरोसेमंद और स्थिर बनेगी।
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