भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में बुधवार को स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था, ग्रामीण विकास और कृषि से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार और विपक्ष के नेताओं ने अपने-अपने पक्ष रखते हुए प्रदेश की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बड़ा विस्तार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने सदन को बताया कि वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश में केवल पांच शासकीय और दो निजी मेडिकल कॉलेज थे। वर्तमान में प्रदेश में 19 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि छह मेडिकल कॉलेज केंद्र सरकार की सहायता से निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा 14 निजी मेडिकल कॉलेज और 13 पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर कॉलेज बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में प्रदेश में कुल 52 मेडिकल कॉलेज नजर आएंगे। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले चार मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन 23 दिसंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा किया जाएगा।
डॉक्टर–मरीज अनुपात सुधारने का लक्ष्य
हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि अमेरिका में लगभग 320 लोगों पर एक डॉक्टर, जापान में 400 और चीन में करीब 450 लोगों पर एक डॉक्टर उपलब्ध है, जबकि मध्य प्रदेश में यह अनुपात 903 लोगों पर एक डॉक्टर का है। सरकार का लक्ष्य मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाकर सीटों को करीब 10 हजार तक पहुंचाना है, जिससे प्रदेश देश के अग्रणी मेडिकल राज्यों में शामिल हो सके और डॉक्टर–मरीज अनुपात में सुधार हो।
आयुष्मान योजना में रिकॉर्ड उपचार
सरकार ने दावा किया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरे देश में सर्वाधिक 34 लाख मरीजों का उपचार मध्य प्रदेश में किया गया है। प्रदेश में लगभग साढ़े चार करोड़ लोगों का पंजीयन इस योजना में हो चुका है और गरीबों के इलाज के लिए 11 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
शिक्षा विभाग में भर्ती और अधोसंरचना पर जोर
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि 30,281 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त 75 हजार शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था अप्रैल से लागू होगी, जिससे शिक्षक की छुट्टी के दौरान कक्षा खाली न रहे। उन्होंने बताया कि 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तिकरण किया गया है। आगामी तीन वर्षों में 1,390 नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे और 39 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत कराई जाएगी।
कानून व्यवस्था पर विपक्ष के सवाल
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में पूरा थाना जेल जाना गंभीर स्थिति को दर्शाता है। साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराध, साइबर अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी पर चिंता जताते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
ग्रामीण सड़कों और कनेक्टिविटी की योजना
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि अगले तीन वर्षों में 30,900 किलोमीटर सड़कें और 1,767 क्षतिग्रस्त पुलों का निर्माण किया जाएगा। दिसंबर 2026 तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश की हर पंचायत और गांव में श्मशान घाट तक सड़क कनेक्टिविटी हो।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी दी कि सरकार सीएम केयर योजना लाने जा रही है, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों में कार्डियोलॉजी, कैंसर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के मेडिकल कॉलेजों को एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भी लगातार कमी आई है, जो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत है।
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