उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का मिशन शक्ति 5.0 अब सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि एक सामाजिक क्रांति (Social Movement) का रूप ले चुका है। “बाल विवाह को ना” (Say No to Child Marriage) थीम पर चलाए गए इस अभियान ने समाज को आईना दिखा दिया है कि जब बेटियां खुद आगे बढ़ती हैं, तो बदलाव पूरे तंत्र में गूंजता है।
हर बालिका को मिला सशक्तिकरण का संदेश
अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित गोष्ठियों, नुक्कड़ नाटकों, संवादों और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं ने ग्रामीण इलाकों तक यह स्पष्ट संदेश पहुंचाया कि बाल विवाह अब अतीत की बात होनी चाहिए। योगी सरकार ने उन साहसी बेटियों को सम्मानित किया, जिन्होंने समाज के दबाव को ठुकरा कर शिक्षा और आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना। इन बेटियों ने साबित किया कि शादी से पहले आत्मनिर्भरता और शिक्षा ही जीवन की सच्ची शुरुआत है। नतीजा यह हुआ कि गांवों में अब लोग बाल विवाह को अपराध के रूप में देखने लगे हैं यह मानसिक बदलाव मिशन शक्ति की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
कानून के साथ-साथ सोच में आया परिवर्तन
सरकार ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ District Probation Officers को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। लेकिन असली बदलाव तब आया जब परिवारों के भीतर संवाद शुरू हुआ पिता, भाई और माताएं अब बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा, “बाल विवाह सिर्फ अपराध नहीं, यह बेटियों के अधिकारों का हनन है। अब समाज समझ रहा है कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही बालिका सशक्त होगी।”
आंकड़ों में झलक रही सफलता
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बाल विवाह का प्रतिशत 15.8% है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3% से काफी कम है। सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 2000 से अधिक बाल विवाह रोके हैं। मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत हर जिले में Community Awareness Drives चलाई जा रही हैं, जिससे न केवल बाल विवाह घटा है बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और अधिकार जागरूकता भी बढ़ी है।
जनभागीदारी बनी सफलता की कुंजी
अभियान में शिक्षकों, समाजसेवियों, स्वास्थ्य कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया है। नुक्कड़ नाटकों और डोर-टू-डोर कैंपेन से यह जागरूकता गांव-गांव तक पहुंच रही है। अब लोग खुद ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने लगे हैं, जिससे सरकारी प्रयासों को मजबूत सहारा मिला है। आज मिशन शक्ति 5.0 ने दिखा दिया है कि परिवर्तन सिर्फ कानून से नहीं, सोच से आता है। जिन बेटियों ने “ना” कहने का साहस दिखाया, उन्होंने न सिर्फ अपना भविष्य बदला, बल्कि समाज को आईना दिखा दिया कि जब स्त्री सशक्त होती है, तो पूरा समाज प्रगति करता है। यही नई सोच, नया उत्तर प्रदेश और नया भारत गढ़ रही है यही है मिशन शक्ति की असली शक्ति।
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