अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के माइनियापोलिस शहर में एक व्यापक रूप से वायरल हुए वीडियो में दिखाए गए दृश्य ने देशभर में आशंका और विवाद को जन्म दिया है, जिसमें एक अमेरिकी नागरिक को संघीय आप्रवास एजेंटों (ICE) द्वारा उसके वाहन से जबरन बाहर निकाला गया। वीडियो में महिला का कार का शीशा तोड़ते और उसे ज़मीन पर खींचते देखे जाने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया है।
खुद को विकलांग बताने वाली महिला का आरोप- शीशा तोड़ा, सीट बेल्ट काटी
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद अमेरिका में एक बड़े विवाद को जन्म दिया है, जिसमें संघीय इमिग्रेशन एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी (Immigration And Customs Enforcement- ICE) के एजेंटों को एक अमेरिकी नागरिक को जबरन उसकी कार से खींचते देखा गया है। वीडियो में महिला की कार का शीशा टूटता, सीटबेल्ट काटा जाता और उन्हें ज़मीन पर खींचा जाता हुआ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
घटना का पूरा विवरण
घटना मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को माइनियापोलिस के एक चौराहे पर तब हुई, जब संघीय एजेंटों द्वारा चलाए जा रहे बड़े आप्रवास प्रवर्तन अभियान के बीच अलिया रहमन नाम की अमेरिकी नागरिक कार में बैठी थीं। अचानक कई मुखौटे पहने एजेंटों ने उनकी कार के पैसेंजर साइड का शीशा तोड़ा, उनका सीटबेल्ट काटा और उन्हें ड्राइवर साइड से ज़ोर से बाहर खींचा। वीडियो में रहमन एजेंटों से बार-बार कहती सुनाई देती हैं, “मैं विकलांग हूं, डॉक्टर के पास जा रही हूं।” उनका दावा है कि वे दिमागी चोट से जुड़ी नियमित अपॉइंटमेंट के लिए जा रही थीं।
हिरासत में इलाज से इनकार
रहमन ने कहा कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में ले जाया गया, जहां उन्हें मेडिकल सहायता नहीं दी गई और वे बेहोश हो गईं। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनके चोटों का इलाज किया गया, जिन्हें आक्रामक व्यवहार से हुई चोटों जैसा बताया गया है। उनके वकीलों का कहना है कि उनके शरीर पर चोटें हमले से मिली चोटों के अनुपात में थीं।
सरकारी पक्ष DHS का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए Department of Homeland Security (DHS) ने कहा कि रहमन को अधिकारीयों के आदेशों को बार-बार न मानने और आपरेशन के अटकने के कारण हिरासत में लिया गया। विभाग ने उन्हें “Agitator” (उत्तेजक) बताया और यह भी कहा कि रहमन कई बार कार को हटाने की पुलिस ICE की चेतावनी और आदेशों को अनदेखा कर रही थीं। DHS ने आरोप लगाया कि वह हिरासत में उन लोगों के साथ लिया गया जिनका कथित तौर पर संचालन में हस्तक्षेप था।
विवाद और प्रतिक्रिया
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब संघीय आप्रवास कार्रवाइयों को लेकर माइनियापोलिस सहित कई शहरों में जनता में तीखी नाराज़गी है। स्थानीय अधिकारियों और नागरिक अधिकार समूहों ने ICE के वर्तमान अभियानों को अत्यधिक और नागरिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के तौर पर आलोचना की है। इस घटना का वीडियो ऑनलाइन लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका है और यह अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों और संघीय एजेंटों के व्यवहार की कानूनी तथा नैतिक सीमाओं को लेकर व्यापक बहस का विषय बन गया है। दोनों पक्षों के बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की समीक्षा जारी है और यह मामला आगामी दिनों में और अधिक बहस, जांच और संभवत: कानूनी प्रक्रिया का केंद्र बन सकता है।
मामले ने बढ़ाया तनाव
वीडियो और रहमन के बयानों ने अमेरिका में संघीय आप्रवास एजेंसियों की कार्यशैली और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर तीखी बहस को उभारा है। मामले की जांच और अस्पष्ट तथ्यों के कारण दोनों पक्षों के बयान महत्वपूर्ण बने हुए हैं, तथा घटनास्थल पर तनाव और सार्वजनिक प्रतिक्रिया बढ़ती जा रही है
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