अमेरिका की इमिग्रेशन नीति में हुआ बड़ा बदलाव ! अब सिर्फ किसी अमेरिकी नागरिक से शा दी करने का मतलब यह नहीं रहा कि आपको अपने आपको स्वतः ही ग्रीन कार्ड मिल जाएगा। अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शादी सिर्फ कानूनी तिथि भर नहीं देखी जाएगी, बल्कि यह जरूरी होगा कि शादी वास्तव में सच्ची और वैध हो।
अब विवाह प्रमाणपत्र नहीं, रिश्ते की सच्चाई और साथ रहने की हकीकत होगी निर्णायक
अमेरिका में ग्रीन कार्ड को लेकर वर्षों से चली आ रही यह धारणा कि किसी अमेरिकी नागरिक से शादी करने पर स्थायी निवास मिलना लगभग तय हो जाता है, अब पूरी तरह बदल चुकी है। इमिग्रेशन अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विवाह आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में अब पहले से कहीं अधिक सख्ती बरती जाएगी। प्रशासन का मानना है कि केवल शादी का कानूनी दस्तावेज़ किसी व्यक्ति की मंशा को साबित नहीं करता। इसलिए अब हर आवेदन को गहराई से जांचा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शादी किसी दबाव, सौदे या इमिग्रेशन लाभ के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन साझेदारी के उद्देश्य से की गई है।
ग्रीन कार्ड नियमों में क्या-क्या हुए बदलाव!
नए इमिग्रेशन दिशा-निर्देशों के तहत विवाह आधारित ग्रीन कार्ड के मामलों में अब व्यापक जांच की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे पति-पत्नी के रिश्ते की प्रामाणिकता को परख सकें। इसमें यह देखा जाएगा कि दोनों एक-दूसरे के जीवन में कितने समय से जुड़े हैं, शादी से पहले और बाद में उनका आपसी संबंध कैसा रहा, और क्या वे भविष्य को लेकर साझा योजनाएं बना रहे हैं। इसके साथ ही आवेदकों से अतिरिक्त जानकारी और स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है, जिससे प्रक्रिया लंबी और अधिक कठोर हो सकती है।
साथ रहना क्यों बना सबसे अहम शर्त?
नए नियमों में पति-पत्नी का एक ही घर में रहना बेहद महत्वपूर्ण मानदंड के रूप में उभरा है। अधिकारियों का मानना है कि एक वास्तविक वैवाहिक संबंध की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि दंपती रोजमर्रा का जीवन साथ बिताते हैं। यदि पति-पत्नी अलग-अलग पते पर रहते हैं, तो चाहे कारण नौकरी, पढ़ाई या पारिवारिक जिम्मेदारियां ही क्यों न हों, आवेदन पर संदेह पैदा हो सकता है। ऐसे मामलों में ग्रीन कार्ड की मंजूरी मुश्किल हो सकती है और अतिरिक्त पूछताछ या साक्ष्य की मांग की जा सकती है।
कागज़ी शादी पर कड़ा शिकंजा
इमिग्रेशन व्यवस्था अब उन शादियों के प्रति बेहद सख्त रुख अपना रही है, जो केवल कागज़ों तक सीमित होती हैं। पहले जहां विवाह प्रमाणपत्र, कुछ तस्वीरें और संयुक्त खाते जैसे दस्तावेज़ पर्याप्त माने जाते थे, वहीं अब इन्हें शुरुआती औपचारिकता भर समझा जाएगा। अधिकारियों को यह संतुष्ट होना होगा कि शादी के पीछे वास्तविक भावनात्मक, सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव है। यदि उन्हें यह लगे कि शादी सिर्फ ग्रीन कार्ड पाने का जरिया है, तो आवेदन को बिना झिझक खारिज किया जा सकता है।
इमिग्रेशन धोखाधड़ी रोकने की मंशा
सरकार का कहना है कि यह सख्ती किसी समुदाय या देश विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य इमिग्रेशन सिस्टम की विश्वसनीयता बनाए रखना है। बीते वर्षों में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जहां शादी को केवल कानूनी रास्ता बनाकर स्थायी निवास हासिल करने की कोशिश की गई। नई नीति के जरिए प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि नियमों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर आवेदन की निष्पक्ष व गहन जांच होगी।
प्रवासियों और आवेदकों के लिए स्पष्ट संदेश
नए नियमों ने उन लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, जो आसान रास्ते की तलाश में हैं। अब विवाह के आधार पर ग्रीन कार्ड पाना न तो तेज़ प्रक्रिया होगी और न ही निश्चित परिणाम देने वाली। वास्तविक और स्थायी रिश्तों वाले दंपतियों को भले ही लंबी जांच से गुजरना पड़े, लेकिन अंततः वही सफल होंगे। वहीं, केवल इमिग्रेशन लाभ के लिए की गई शादियों के लिए जोखिम कई गुना बढ़ गया है।
बदल रहे पाश्चात्य रिश्तों के समीकरण
अमेरिका का यह कदम साफ संकेत देता है कि आव्रजन नीतियों में अब कागज़ी औपचारिकताओं से आगे बढ़कर रिश्तों की सच्चाई को महत्व दिया जाएगा। शादी को केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, भरोसे और साथ निभाने की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जाएगा। यह बदलाव न सिर्फ इमिग्रेशन सिस्टम को मजबूत करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि स्थायी निवास का अधिकार केवल उन्हीं को मिले, जो वास्तव में एक सच्चे वैवाहिक रिश्ते में बंधे हों।
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