महायुति में खटपट: सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे के बीच बढ़ी दूरियां

The CSR Journal Magazine
महाराष्ट्र में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से पहले महायुति गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी पांच सीटों पर साझा उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने का दावा किया था, लेकिन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सनप को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इस फैसले ने भाजपा और शिवसेना के बीच राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा दिया है।

पुणे में चुनावी हलचल

पुणे शिक्षक विधान परिषद सीट के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। एकनाथ शिंदे ने सानप को शिवसेना का समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा कि महायुति के तहत चुनाव लड़ने के बावजूद कुछ स्थानों पर ‘मैत्रीपूर्ण मुकाबला’ हो सकता है। उनके इस बयान ने गठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सानप के मैदान में उतरने से भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े के सामने चुनौती बढ़ गई है।

फडणवीस का विश्वास और शिंदे का फैसला

मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल ही में पुणे दौरे के दौरान विश्वास जताया था कि महायुति सभी पांच सीटें जीतेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि शिवसेना भाजपा उम्मीदवार गावड़े की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी। लेकिन शिंदे की औपचारिक घोषणा को गठबंधन के दोनों प्रमुख घटकों के बीच स्पष्ट मतभेद के तौर पर देखा जा रहा है।

महाविकास आघाड़ी का मुकाबला

इस चुनाव में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने कांग्रेस के जयंत असगांवकर को फिर से समर्थन दिया है। असगांवकर मौजूदा सदस्य हैं और उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत मानी जाती है। पिछले चुनाव में उन्होंने निर्णायक जीत हासिल की थी। इस बार उनका मुकाबला भाजपा और शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच होगा।

भाजपा के लिए चुनौती

भाजपा का टिकट पाने की उम्मीद में दत्तात्रेय सावंत ने पंढरपुर स्थित विट्ठल मंदिर परिसर से अपना अभियान शुरू किया था, लेकिन उन्हें पार्टी का आधिकारिक टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद, पूर्व विधायक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे थे, जिससे मुकाबला और भी बहुकोणीय होने की संभावना है।

शिवसेना का संगठनात्मक समर्थन

शिवसेना सानप की जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शुक्रवार से उनके प्रचार अभियान में सक्रिय रूप से जुटेंगे। मंत्री शंभूराज देसाई ने ‘मैत्रीपूर्ण मुकाबले’ और सानप को एकतरफा समर्थन दिए जाने की चर्चाओं पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन अपने सहयोगियों के प्रति राजनीतिक मर्यादाओं का पालन करेगा।

स्थानीय असंतोष और रणनीतिक मतभेद

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पुणे के अलावा छत्रपति संभाजीनगर और अमरावती क्षेत्रों में भी गठबंधन के घटक दलों के बीच रणनीतिक मतभेद सामने आए हैं। अमरावती में भाजपा के बागी उम्मीदवारों ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को जटिल बना दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और मंत्री उदय सामंत समेत वरिष्ठ नेताओं को स्थानीय असंतोष दूर करने के लिए सक्रिय होना पड़ा है।

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