सूखे के दंश के बीच चमकेगी प्रतिभा: नांदेड़ जिले के 200 होनहार ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी NEET और JEE की मुफ्त कोचिंग
महाराष्ट्र के गंभीर सूखा संकट से जूझ रहे नांदेड़ जिले के प्रशासन ने आर्थिक रूप से कमजोर और सूखाग्रस्त परिवारों के 200 मेधावी विद्यार्थियों को NEET, JEE और MHT-CET प्रवेश परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग प्रदान करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय निर्णय लिया है। इस दूरदर्शी योजना का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का सपना वित्तीय तंगी अथवा सूखे के कारण टूटने न पाए। प्रशासन की इस अनूठी पहल से नांदेड़ के सुदूर ग्रामीण अंचलों में मेडिकल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले सैकड़ों परिवारों में उम्मीद की एक नई किरण जाग उठी है।
सूखे की मार और आर्थिक संकट का समाधान
महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र, विशेष रूप से नांदेड़ जिला, पिछले कुछ समय से गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है। खेती-किसानी पर निर्भर रहने वाले ग्रामीण परिवारों की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह टूट चुकी है। ऐसे कठिन समय में, जहां परिवारों के लिए बुनियादी आजीविका जुटाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है, वहां बच्चों को बड़े शहरों में भेजकर लाखों रुपये की महंगी निजी कोचिंग दिलाना एक असंभव सपना जैसा था। निजी संस्थानों की भारी-भरकम फीस के कारण कई मेधावी छात्र अपनी योग्यता के बावजूद चिकित्सा (Medical) और इंजीनियरिंग (Engineering) जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी से वंचित रह जाते थे। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए इस सामाजिक-शैक्षणिक योजना का खाका तैयार किया है, ताकि कोई भी प्रतिभावान छात्र संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे।
किन्हें मिलेगा लाभ? पात्रता के कड़े मापदंड
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेष कोचिंग कार्यक्रम का लाभ केवल नांदेड़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ही दिया जाएगा।
• पात्र स्कूल: ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले जिला परिषद के हाई स्कूल (Zilla Parishad High Schools) तथा सरकार से मान्यता प्राप्त एवं वित्तीय सहायता प्राप्त निजी विद्यालय (Private Aided Schools)।
• पात्र कक्षा: वर्तमान शैक्षणिक सत्र में इन विद्यालयों में कक्षा 10वीं में पढ़ाई कर रहे छात्र ही आवेदन करने के योग्य माने जाएंगे।
• पारिवारिक पृष्ठभूमि: मुख्य रूप से सूखाग्रस्त क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर (Economically Weaker) और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।
दिसंबर में होगी चयन परीक्षा, पारदर्शी होगी प्रक्रिया
इस योजना के तहत केवल उन्हीं 200 मेधावी बच्चों का चयन किया जाएगा जो जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की जाने वाली विशेष प्रवेश परीक्षा (Entrance Test) को पास करेंगे। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह चयन परीक्षा आगामी दिसंबर (December 2026) महीने में आयोजित की जाएगी। प्रशासन इस परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वास्तविक रूप से हकदार और मेधावी छात्रों को ही इस योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके। परीक्षा के आयोजन, पाठ्यक्रम और परीक्षा केंद्रों की विस्तृत जानकारी जल्द ही जिला परिषद के माध्यम से सभी पात्र स्कूलों को भेज दी जाएगी।
व्यवस्थित और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
चयनित 200 विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET (मेडिकल प्रवेश परीक्षा), JEE (इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा) और राज्य स्तरीय MHT-CET के लिए पूरी तरह से व्यवस्थित और संरचित (Structured) प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस कोचिंग कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को न केवल अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाया जाएगा, बल्कि उन्हें अध्ययन सामग्री (Study Material), पीरियोडिक मॉक टेस्ट (Mock Tests) और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। प्रशासन का लक्ष्य इन छात्रों को बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों के समकक्ष या उससे भी बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करना है।
प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों का दृष्टिकोण
नांदेड़ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “सूखा एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसका असर हमारे बच्चों के भविष्य और उनकी शिक्षा पर न पड़े। हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी सिर्फ सही मार्गदर्शन और संसाधनों की है। इस पहल के माध्यम से हम उन होनहार बच्चों के सपनों को पंख दे रहे हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी कुछ बड़ा करने का हौसला रखते हैं।”
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