मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का प्रशासनिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को सख्त सजा दी जाएगी। मान ने चार साल के कार्यकाल की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। यह नशों के खिलाफ कड़ी एक्शन, संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाइयों और पुलिस सुधारों का परिणाम है।
विशाल गिरफ्तारी आंकड़े
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 95,000 से अधिक नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई है और 1100 से ज्यादा गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया है। इन कार्रवाइयों के अंतर्गत एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों का भी इस्तेमाल किया गया है, जिससे सीमा पार तस्करी को रोकने में मदद मिली है।
नशे के खिलाफ जंग में रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मार्च 2022 से अब तक 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से 10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ ही नशीले पदार्थों की 6,109 बड़ी खेपें जब्त की गई हैं। इनमे से हेरोइन, अफीम और अन्य नशीले पदार्थ शामिल हैं, जिनका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
ड्रग मनी की बरामदगी
खासकर 54.47 करोड़ रुपए की ड्रग मनी भी बरामद की गई है और एनडीपीएस अधिनियम के तहत 3440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1556 तस्करों से 772 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से नशे का कारोबार कम हुआ है।
संगठित अपराध पर शिकंजा
मुख्यमंत्री ने संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाइयों के बारे में बताया कि गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के गठन के बाद 2858 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। 35 गैंगस्टरों को निष्क्रिय भी किया गया है और 1105 गैंगों का भंडाफोड़ किया गया है। इसमें 2267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए हैं।
सीमा सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम
पंजाब की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया गया है। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग करके 806 ड्रोन बरामद किए हैं। स्कूल और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र से मदद नहीं मिलने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपनी तरफ से इस दिशा में कदम उठा रही है।
पुलिस भर्ती और सुधारों की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने पिछले चार वर्षों में पुलिस भर्ती के रिकॉर्ड आंकड़ों को साझा किया। पिछले चार वर्षों में 12,197 पुलिस अधिकारियों की भर्ती की गई है, जिसमें विभिन्न स्तरों पर कांस्टेबल और इंस्पेक्टर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसी नई पहलें लागू की जा रही हैं।
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