हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। नई रिसर्च के मुताबिक आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज—जिसमें शरीर को कुछ समय तक स्थिर स्थिति में रखा जाता है—ब्लड प्रेशर कम करने में बेहद प्रभावी साबित हो रही है। खास बात यह है कि इसे सप्ताह में सिर्फ तीन दिन, 14 मिनट करके भी फायदा मिल सकता है।
क्या होती है आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज?
आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज ऐसी गतिविधि है जिसमें शरीर को एक निश्चित पोजीशन में बिना हिलाए-डुलाए रखा जाता है। जैसे दीवार के सहारे बैठना, हाथ से किसी वस्तु को दबाकर पकड़ना या पैरों को सीधा करके रोकना
इन एक्सरसाइज में मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं लेकिन उनकी लंबाई में बदलाव नहीं होता। यही वजह है कि इसे “स्टैटिक एक्सरसाइज” भी कहा जाता है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है जिनके पास समय की कमी है या जो भारी वर्कआउट नहीं कर सकते।
नई स्टडी में क्या सामने आया?
हाल ही में 1990 से 2023 तक के डेटा पर किए गए एक बड़े मेटा-एनालिसिस में करीब 16 हजार लोगों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज ब्लड प्रेशर कम करने में अन्य एक्सरसाइज से ज्यादा असरदार हो सकती है।
जहां सामान्य एरोबिक एक्सरसाइज से ब्लड प्रेशर में औसतन 4.49/2.53 mmHg की कमी आई, वहीं आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज से यह कमी 8.24/4.00 mmHg तक दर्ज की गई।
यह प्रभाव कई मामलों में दवाओं के करीब पाया गया, जो इसे एक प्रभावी सपोर्टिव थेरेपी बनाता है।
कैसे काम करती है यह एक्सरसाइज?
जब आप किसी मांसपेशी को स्थिर अवस्था में रखते हैं, तो उस हिस्से में ब्लड फ्लो अस्थायी रूप से कम हो जाता है। इससे शरीर उस क्षेत्र में ज्यादा ऑक्सीजन भेजने की कोशिश करता है।
जैसे ही मांसपेशियों पर दबाव हटता है, ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं और रक्त प्रवाह तेजी से बढ़ता है। इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराने से समय के साथ ब्लड प्रेशर नियंत्रित होने लगता है।
इसके अलावा, यह धमनियों की कठोरता को कम करती है और हार्ट फंक्शन को भी बेहतर बनाती है।
सिर्फ बीपी ही नहीं, मिलते हैं कई और फायदे
आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज के फायदे सिर्फ ब्लड प्रेशर तक सीमित नहीं हैं।
1. मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है
2. जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है
3. दिल की कार्यक्षमता बेहतर होती है
4. एथलेटिक परफॉर्मेंस में सुधार होता है
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उन लोगों के लिए भी बेहतर विकल्प है जिन्हें जोड़ों में दर्द रहता है या भारी वेट उठाने में दिक्कत होती है।
कैसे करें शुरुआत? आसान रूटीन
शुरुआत करने के लिए आपको किसी जिम या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं है। आप घर पर ही यह एक्सरसाइज कर सकते हैं।
बेसिक रूटीन
A. 2 मिनट तक वॉल स्क्वैट या हैंडग्रिप
B. 1-2 मिनट आराम
C. कुल 4 सेट
D. सप्ताह में 3 दिन
शुरुआत में 90 डिग्री स्क्वैट करना मुश्किल लगे तो 110 या 130 डिग्री के एंगल से शुरू करें। धीरे-धीरे समय और तीव्रता बढ़ाएं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर आप पहले से एक्सरसाइज कर रहे हैं तो इसे अपनी दिनचर्या में जोड़ें, पूरी तरह से बदलें नहीं।
किसे रखना चाहिए खास ध्यान?
हालांकि यह एक्सरसाइज सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, खासकर अगर वे पहले से दवा ले रहे हैं।
फिलहाल इस पर लंबे समय तक असर को लेकर और रिसर्च जारी है, लेकिन शुरुआती नतीजे बेहद सकारात्मक हैं।
व्यस्त जीवनशैली में जहां लोग घंटों जिम नहीं जा पाते, वहां आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज एक आसान और असरदार विकल्प बनकर उभर रही है। सिर्फ 14 मिनट का यह रूटीन हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के साथ-साथ बेहतर दिल और मजबूत शरीर की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
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