पोलैंड से दिल्ली और फिर कानपुर तक के सफर में चेक-इन बैग से मंगलसूत्र, अंगूठी व झुमकी गायब! चार दिन बाद बैग मिलने पर खुलासा, शिकायत लेकर भटकता रहा परिवार, सीसीटीवी जांच की मांग पर अब तक कोई जवाब नहीं! पोलैंड से दिल्ली, फिर कानपुर तक के सफर में कैसे उड़ गए जेवर? चार दिन बाद खुले बैग तो सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई!
कानपुर की आस्था शर्मा के बैग से ₹4.20 लाख के जेवर गायब, एयरलाइन सुरक्षा पर सवाल
अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को सुरक्षित और भरोसेमंद बताने वाले दावों की पोल खोलने वाला एक सनसनीखेज मामला कानपुर से सामने आया है। पोलैंड से दिल्ली लौट रहीं कानपुर निवासी आस्था शर्मा के तीन बैग यात्रा के दौरान एयरपोर्ट पर ही छूट गए। यह घटना अपने आप में असहज करने वाली थी, लेकिन असली झटका तब लगा जब चार दिन बाद इंडिगो एयरलाइंस के माध्यम से ये बैग कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पहुंचे। बैग खुलते ही परिवार के होश उड़ गए। सामान के साथ रखे मंगलसूत्र, सोने-हीरे की अंगूठियां, झुमकी और अन्य कीमती जेवरात, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹4.20 लाख बताई जा रही है, बैग से गायब थे। सवाल यह नहीं कि सामान गायब हुआ, सवाल यह है कि कहां, कैसे और किसकी जिम्मेदारी में यह चोरी हुई।
दिल्ली से कानपुर तक “जिम्मेदारी का पिंग-पोंग”
पीड़िता के पिता जब शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे, तो उन्हें न्याय मिलने के बजाय दिल्ली और कानपुर एयरपोर्ट प्रशासन के बीच चक्कर कटवाए गए। कभी कहा गया कि मामला दिल्ली एयरपोर्ट का है, तो कभी कानपुर एयरपोर्ट की जिम्मेदारी बताकर हाथ खड़े कर दिए गए। इस पूरे घटनाक्रम में एयरलाइन और एयरपोर्ट अथॉरिटी की बेरुखी साफ नजर आई। परिजनों का आरोप है कि बैग जब तक यात्रियों के पास नहीं पहुंचा, वह पूरी तरह एयरलाइन और ग्राउंड स्टाफ की कस्टडी में था। ऐसे में जेवरों का गायब होना सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। परिवार ने बैग हैंडलिंग एरिया के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की, लेकिन अब तक न तो फुटेज दिखाई गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
लिखित शिकायत, लेकिन नतीजा शून्य
पीड़ित परिवार ने एयरलाइन, एयरपोर्ट अथॉरिटी और स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी है। इसके बावजूद चार दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो जेवर बरामद हुए, न ही किसी कर्मचारी से पूछताछ की जानकारी दी गई। यह चुप्पी संदेह को और गहरा कर रही है। यह मामला सिर्फ आस्था शर्मा का नहीं है, बल्कि हर उस यात्री के लिए चेतावनी है जो यह मानकर चलता है कि हवाई यात्रा में उसका सामान सुरक्षित है। अगर अंतरराष्ट्रीय उड़ान के बाद भी बैग से कीमती सामान यूं गायब हो सकता है और जिम्मेदार एजेंसियां जवाबदेही से बच सकती हैं, तो आम यात्रियों का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
एयरपोर्ट और हवाई यात्रा के दौरान सामान चोरी के मामले बढ़े, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
एयरपोर्ट और हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों के सामान से चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल के महीनों में चेक-इन बैग से जेवर, नकदी, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और कीमती सामान गायब होने की कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। ताजा मामलों ने एयरलाइन सुरक्षा व्यवस्था, ग्राउंड स्टाफ की भूमिका और एयरपोर्ट निगरानी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों और पीड़ितों के अनुभव के मुताबिक, चोरी की घटनाएं अक्सर इन चरणों में होती हैं, यात्रा के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर-
• चेक-इन के बाद बैगेज हैंडलिंग एरिया में,
• ट्रांजिट/कनेक्टिंग फ्लाइट के दौरान,
• बैग देर से मिलने या गलत एयरपोर्ट पहुंचने की स्थिति में,
• ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ की कस्टडी में!
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
• जवाबदेही का अभाव: बैग किस समय किसके पास था- इसका स्पष्ट रिकॉर्ड अक्सर नहीं मिलता!
• सीसीटीवी निगरानी की कमी: कई जगह कैमरे हैं, पर फुटेज समय पर साझा नहीं होती!
• कर्मचारियों की जांच कमजोर: बैकग्राउंड व रोटेशन पॉलिसी ढीली!
• यात्रियों की जानकारी की कमी: शिकायत प्रक्रिया और अधिकारों का पता नहीं!
पीड़ितों की सबसे ज्यादा शिकायत यह है कि चोरी सामने आने के बाद एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देते हैं। नतीजा, पीड़ित परिवार दिल्ली से कानपुर, या एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक चक्कर काटता रह जाता है।
नियम क्या कहते हैं?
• चेक-इन बैग की सुरक्षा की जिम्मेदारी एयरलाइन की होती है।
• शिकायत पर तत्काल FIR/डायरी एंट्री, सीसीटीवी जांच और इंटरनल इन्क्वायरी जरूरी!
• नुकसान साबित होने पर मुआवजा देने का प्रावधान!
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां
• जेवर, नकदी, पासपोर्ट, लैपटॉप कभी भी चेक-इन बैग में न रखें।
• महंगे सामान की घोषणा (Declaration) कराएं।
• बैग पर टैम्पर-एविडेंट लॉक/सील लगाएं।
• बैग देर से या टूटा मिले तो एयरपोर्ट पर ही लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
• बैगेज टैग और रसीद संभालकर रखें
दावों से आगे सख्त कदम की ज़रूरत
एयरपोर्ट और हवाई यात्रा के दौरान सामान चोरी के मामले अब अलग-थलग घटनाएं नहीं रहे, बल्कि एक प्रणालीगत समस्या की ओर इशारा कर रहे हैं। जब तक कड़ी निगरानी, पारदर्शी जांच और सख्त जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यात्रियों का भरोसा बहाल होना मुश्किल है। यह वक्त है कि एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन सुरक्षा दावों से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई करे, ताकि उड़ान सुरक्षित ही नहीं, भरोसेमंद भी बने। कानपुर की आस्था शर्मा के साथ हुआ यह हादसा किसी डरावने सपने से कम नहीं। यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि आसमान की ऊंचाइयों में भी आपका कीमती सामान पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। अब देखना यह है कि प्रशासन और एयरलाइन इस मामले में जिम्मेदारी तय करती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
A 14-year-old girl was allegedly abducted and subjected to sexual assault in Odisha’s Kandhamal district, in an incident that has raised serious concerns about...
Gold prices witnessed an upward movement today across India, driven by recent market dynamics. On the other hand, silver prices continued to decline in...
Actress adopts father's name as tribute
Actor Bhumi Pednekar, currently promoting her upcoming web series ‘Daldal’ on Prime Video, revealed that she has officially added...