हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। साल 2026 में इसे लेकर लोगों के मन में यह सवाल था कि व्रत 28 जनवरी को रखा जाए या 29 जनवरी को। पंचांग गणना के मुताबिक एकादशी तिथि 28 जनवरी 2026 को शाम 04:35 बजे शुरू होकर 29 जनवरी 2026 को दोपहर 01:55 बजे समाप्त होगी। चूंकि एकादशी की उदया तिथि 29 जनवरी को है, इसलिए जया एकादशी का व्रत गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को रखा जाएगा।
जया एकादशी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
जया एकादशी को केवल उपवास का दिन नहीं माना जाता, बल्कि इसे आत्मशुद्धि, भय नाश और अदृश्य बाधाओं से मुक्ति देने वाली तिथि कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत पिशाच योनि से भी मुक्ति दिलाने वाला है, इसी कारण इसे पिशाच मोचिनी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और संयम के साथ यह व्रत करता है, उसके जीवन से नकारात्मक ऊर्जा, अकाल मृत्यु का भय और दुर्भाग्य दूर हो जाता है।
Jaya Ekadashi 2026 के शुभ योग, बन रहा है दुर्लभ संयोग
साल 2026 में जया एकादशी पर कई विशेष योग बन रहे हैं। इस दिन रवि योग, भद्रावास और शिववास योग का संयोग बन रहा है। इन योगों में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से करियर, व्यापार और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में लाभ मिलता है। साथ ही रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग इस दिन को और भी प्रभावशाली बनाता है।
जया एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त
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सुबह पूजा मुहूर्त: 07:11 बजे से 08:32 बजे तक
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दोपहर पूजा मुहूर्त: 11:14 बजे से 01:55 बजे तक
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पारण समय: 30 जनवरी 2026 को सुबह 06:41 से 08:56 बजे के बीच

