बिहार के सुगौली से रवाना हुई ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। वजह सिर्फ इसकी दक्षिण भारत की तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि ट्रेन के भीतर दिखी वह अनोखी झलक है, जिसने आस्था और रेल यात्रा को एक नई पहचान दी है। इस ट्रेन के एक स्लीपर कोच की साइड अपर बर्थ को विधिवत मंदिर का रूप देकर वहां भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की गई है। यात्रा के दौरान यात्री इस चलती ट्रेन में ही पूजा-पाठ, आरती और भजन-कीर्तन करते नजर आ रहे हैं।
सुगौली से चली ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ बनी आस्था की मिसाल
बिहार के सुगौली से रवाना हुई IRCTC की ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ देशभर में चर्चा में है। ट्रेन के एक स्लीपर कोच की साइड अपर बर्थ को मंदिर का रूप देकर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की गई है। 15 दिनों की इस ‘दो धाम’ व दक्षिण भारत तीर्थयात्रा में 464 श्रद्धालु सवार हैं, जो रामेश्वरम, तिरुपति बालाजी, मीनाक्षी मंदिर और जगन्नाथ धाम के दर्शन करेंगे। यात्रा के दौरान चलती ट्रेन में सुबह-शाम पूजा, आरती और भजन-कीर्तन हो रहे हैं। IRCTC ने शुद्ध शाकाहारी भोजन, डॉक्टर और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की है। यात्रा का किराया ₹27,535 (स्लीपर) से ₹51,405 (2nd AC) प्रति व्यक्ति तय किया गया है।
15 दिनों की ‘दो धाम’ और दक्षिण भारत तीर्थयात्रा
IRCTC द्वारा संचालित यह विशेष ट्रेन 18 जनवरी को सुगौली से रवाना हुई थी और 1 फरवरी को वापस लौटेगी। कुल 15 दिनों की इस यात्रा में ‘दो धाम’ दर्शन के साथ दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु रामेश्वरम, तिरुपति बालाजी, मीनाक्षी अम्मन मंदिर (मदुरै) और जगन्नाथ धाम जैसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों के दर्शन करेंगे। इस ट्रेन में कुल 464 यात्री सवार हैं, जिनमें बिहार के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं।
चलती ट्रेन में सुबह-शाम पूजा और भजन
इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि श्रद्धालु पूरे सफर के दौरान सुबह-शाम भगवान गणेश की पूजा-आरती करते हैं। कोच में शंख-घंटी की ध्वनि, भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार का वातावरण बना रहता है। यात्रियों का कहना है कि इससे लंबी यात्रा भी थकाऊ नहीं लगती और पूरा सफर आध्यात्मिक अनुभव में बदल जाता है। कई यात्रियों के लिए यह जीवन की पहली ऐसी यात्रा है, जहां ट्रेन खुद एक चलता-फिरता मंदिर बन गई है।
IRCTC की विशेष व्यवस्थाएं
IRCTC ने इस ‘भारत गौरव’ यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रियों के लिए शुद्ध शाकाहारी भोजन, ट्रेन में ही डॉक्टर की उपलब्धता, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और हर पड़ाव पर समुचित प्रबंधन किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा पैकेज के तहत ठहरने, स्थानीय परिवहन और दर्शन की व्यवस्था भी IRCTC द्वारा की जा रही है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन की बुकिंग कैसे करें
भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन की बुकिंग पूरी तरह आईआरसीटीसी (IRCTC) के अधिकृत पोर्टल के माध्यम से की जाती है। यह प्रक्रिया पारदर्शी, ऑनलाइन और देशभर के यात्रियों के लिए सुलभ रखी गई है। यात्रियों को बुकिंग के लिए IRCTC Tourism की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है।
1- IRCTC पर अकाउंट ज़रूरी- बुकिंग के लिए यात्री के पास IRCTC का वैध यूज़र आईडी होना जरूरी है। यदि अकाउंट नहीं है, तो पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है।
2- टूर पैकेज का चयन– वेबसाइट पर उपलब्ध ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन- दो धाम एवं दक्षिण भारत तीर्थयात्रा’ पैकेज को चुनना होता है। यहां यात्रा की तारीख, रूट, दर्शन स्थल और सुविधाओं की पूरी जानकारी दी जाती है।
3- श्रेणी का चुनाव– यात्री अपनी सुविधा के अनुसार स्लीपर क्लास, सेकंड एसी (2nd AC) का चयन कर सकते हैं।
4- यात्री विवरण भरना– नाम, उम्र, लिंग, पहचान पत्र (आधार/पैन/पासपोर्ट) की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होती है।
5- भुगतान प्रक्रिया– बुकिंग शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के माध्यम से किया जा सकता है।
6- बुकिंग कन्फर्मेशन– भुगतान के बाद यात्रियों को ई-मेल और SMS के जरिए बुकिंग कन्फर्मेशन प्राप्त होता है। यात्रा से पहले ई-टिकट और यात्रा निर्देश साझा किए जाते हैं।
ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा
जो यात्री ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते, वे IRCTC के अधिकृत ट्रैवल एजेंट या राज्य पर्यटन कार्यालय के माध्यम से भी बुकिंग कर सकते हैं। सीटें First Come, First Serve के आधार पर उपलब्ध होती हैं। वरिष्ठ नागरिकों को सहायता दी जाती है, पर किराये में छूट लागू नहीं! यात्रा से पहले पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होता है। धार्मिक यात्रा होने के कारण केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसा जाता है
हेल्पलाइन व सहायता
बुकिंग या जानकारी के लिए यात्री IRCTC Tourism Customer Care से संपर्क कर सकते हैं। यात्रा से पहले यात्रियों को संपर्क नंबर और कोऑर्डिनेटर की जानकारी भी दी जाती है। ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ की बुकिंग प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और डिजिटल है। आईआरसीटीसी की इस पहल से देश के आम श्रद्धालु आसानी से संगठित तीर्थयात्रा का लाभ उठा पा रहे हैं, वह भी रेल यात्रा की सुविधा और भारतीय आस्था के साथ।
किराया और श्रेणियां
इस धार्मिक यात्रा का किराया यात्रियों की श्रेणी के अनुसार तय किया गया है।
• स्लीपर क्लास: ₹27,535 प्रति व्यक्ति,
• सेकंड एसी (2nd AC): ₹51,405 प्रति व्यक्ति!
किराये में यात्रा, भोजन, ठहराव और दर्शन से जुड़ी प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं।
आस्था, संस्कृति और पर्यटन का संगम
‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और आधुनिक पर्यटन का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है। रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी की इस पहल से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि आम श्रद्धालुओं को कम लागत में संगठित और सुरक्षित तीर्थयात्रा का अवसर भी मिल रहा है।
सुगौली से चली यह ट्रेन आज देशभर में एक संदेश दे रही है, जहां श्रद्धा हो, वहां सफर भी पूजा बन जाता है।
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