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January 25, 2026

Indian Flag History & Journey: 1880 से 1947 तक कैसे बदलता गया भारतीय तिरंगा, जानिए पूरा इतिहास

The CSR Journal Magazine

देश की पहचान बना राष्ट्रीय ध्वज, आज भी हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक

Indian Flag History & Journey: भारतीय राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा आज पूरी दुनिया में भारत की पहचान है। यह सिर्फ तीन रंगों का कपड़ा नहीं, बल्कि देश के संघर्ष, बलिदान और आजादी की लंबी लड़ाई का प्रतीक है। आजादी से ठीक पहले 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तिरंगे तक पहुंचने का सफर करीब 70 साल लंबा और कई बदलावों से भरा रहा?

1880 से पहले नहीं था कोई एक राष्ट्रीय ध्वज

1880 से पहले भारत में कोई एक राष्ट्रीय ध्वज नहीं था। उस समय अलग-अलग रियासतों के अपने-अपने झंडे हुआ करते थे। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बहादुर शाह जफर के नेतृत्व में एक ध्वज इस्तेमाल किया गया था, जिसमें हरे रंग की पृष्ठभूमि पर चांद और कमल का चिन्ह बना हुआ था।

1880 में सामने आया पहला विचार

1880 में सिस्टर निवेदिता से जुड़े प्रयासों में पहली बार भारत के लिए एक साझा ध्वज की कल्पना की गई। हालांकि इस ध्वज को देशभर में मान्यता नहीं मिल सकी, लेकिन यहीं से Indian National Flag History की नींव पड़ी।

1906: पहली बार फहराया गया तिरंगा

7 अगस्त 1906 को कोलकाता के पारसी बागान चौक पर पहली बार तिरंगे जैसा ध्वज फहराया गया। इसमें हरा, पीला और लाल रंग शामिल थे। बीच में वंदे मातरम् लिखा हुआ था और सूर्य-चंद्र के प्रतीक बने थे। इसे भारतीय तिरंगे की पहली झलक माना जाता है।

1907 और 1917 में हुए अहम बदलाव

1907 में भिकाजी कामा ने पेरिस में भारत का ध्वज फहराया, जिसमें सात सितारे और तीन रंग थे। वहीं 1917 में होमरूल आंदोलन के दौरान एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक ने एक नया ध्वज पेश किया, जिसमें यूनियन जैक भी शामिल था।

1921 और 1931: तिरंगे का मजबूत स्वरूप

1921 में पिंगली वेंकय्या ने कांग्रेस अधिवेशन में लाल, सफेद और हरे रंग का ध्वज पेश किया। महात्मा गांधी की सलाह पर इसमें चरखा जोड़ा गया। 1931 में लाल की जगह भगवा रंग आया और यही ध्वज आजादी से पहले आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया।

1947: आज का तिरंगा बना भारत की पहचान

22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने चरखे की जगह अशोक चक्र को अपनाया। नीले रंग का 24 आरे वाला Ashoka Chakra सत्य, धर्म और न्याय का प्रतीक बना।

तिरंगे के रंग और नियम

भगवा रंग साहस और त्याग, सफेद शांति और सत्य, हरा समृद्धि का प्रतीक है। 26 जनवरी 2002 को लागू Flag Code of India के तहत तिरंगे का सम्मान और सही उपयोग अनिवार्य किया गया।
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