भारत और वियतनाम के बीच दिल्ली में अहम बैठक, जनजातीय विकास को मिलेगा बढ़ावा, MoU को मिली मंजूरी

The CSR Journal Magazine
भारत के जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव और वियतनाम के मंत्री दाओ न्गोक डुंग के बीच नई दिल्ली में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों ने जनजातीय विकास के लिए कई मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

साझेदारी का विस्तार और विकास

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा में लाना है। भारत और वियतनाम अपने अनुभवों और नीतियों का आदान-प्रदान करेंगे। दोनों नेताओं ने साझा किया कि इस दिशा में उन्होंने पहले सचिव स्तर पर तैयार खाका को मंजूरी दी है, जो आगे बढ़ने का रास्ता खोलेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस

बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया। जनजातीय समुदायों के लिए बेहतर योजनाएं बनाने के लिए दोनों देश एक साथ मिलकर काम करेंगे। जुएल उरांव ने बताया कि यह एक महत्त्वपूर्ण पहल है जो समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगी।

संस्कृति और संबंधों का महत्व

बैठक की शुरुआत में भारतीय मंत्री ने वियतनाम के मंत्री को कुछ यादगार तोहफे भेंट किए। उरांव ने यह भी उल्लेख किया कि भारत और वियतनाम का रिश्ता भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में वियतनाम में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी की सफलता को भी सराहा गया।

भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 की चर्चा

बैठक में ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026’ में वियतनाम की भागीदारी की सराहना की गई। यह फेस्टिवल जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा। दोनों देशों के मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे मिलकर तरक्की की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

विस्तार की योजना और प्रतिबद्धता

भारत और वियतनाम ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने पर खुशी व्यक्त की। दोनों देशों ने सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया। वियतनाम ने भारत के विकास में मदद का आभार व्यक्त किया और अपने 54 जातीय समूहों के विकास पर जोर दिया।

आमंत्रण और सहयोग ज्ञापन पर चर्चा

इस बैठक में ‘सहयोग ज्ञापन’ (MoC) की समीक्षा की गई, जिसमें वियतनाम ने अपनी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव को वियतनाम की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर के लिए बुलाने का आमंत्रण दिया गया। उरांव ने दोहराया कि आपसी विश्वास ही इस साझेदारी की असली ताकत है।

भविष्य के कदमों की चर्चा

बैठक के अंत में दोनों देशों ने जनजातीय समुदायों के सतत विकास के लिए मिलकर काम करने का विश्वास व्यक्त किया। सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद, यह स्पष्ट है कि भारत और वियतनाम के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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