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March 9, 2026

IAF के जगुआर लड़ाकू विमान होंगे अपग्रेड, नई मिसाइलों से भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता में वृद्धि

The CSR Journal Magazine

नई तकनीक के भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता में वृद्धि

भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपने 74 जगुआर लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने का बड़ा फैसला लिया है। रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए घरेलू कंपनियों से टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य विमानों की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाना और पायलट की स्थिति जागरूकता को आधुनिक बनाना है। इसके तहत 24 जगुआर डारिन-II और 50 जगुआर डारिन-III विमानों में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। मार्च में इस योजना की शुरुआत होगी, जहाँ भारतीय कंपनियों को इसमें भाग लेने का मौका मिलेगा।

एडवांस्ड मिसाइल का होगा शामिल

इस अपग्रेड योजना के अंतर्गत पुराने एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम को हटाकर नई नेक्स्ट जेनरेशन क्लोज कॉम्बैट मिसाइल (NGCCM) लगाई जाएगी। यह मिसाइल एडवांस्ड शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल होगी। इसके अलावा, हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम (HMDS) भी विमान में लगाया जाएगा। इस तकनीक से पायलट अपनी हेलमेट के वाइजर पर उड़ान और लक्ष्य से जुड़ी जानकारी देख सकेगा, जिससे रिएक्शन टाइम और एक्यूरेसी में काफी सुधार होगा।

टेंडर प्रक्रिया में भारतीय कंपनियों को मिलेगा मौका

सरकार की आत्मनिर्भर भारत नीति के तहत इस टेंडर में केवल भारतीय रक्षा कंपनियां भाग ले सकेंगी। इसलिए अनुभव और गुणवत्ता की जांच के लिए कंपनियों के पास सैन्य विमान संशोधन का अनुभव, रीजनल सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थिनेस (आरसीएमए) का प्रमाणन और एयरोस्पेस क्वालिटी सर्टिफिकेशन होना अनिवार्य है। चयनित कंपनी को पूरे 74 विमानों का अपग्रेड तीन साल के भीतर पूरा करना होगा।

हवा से जमीन पर अटैक में मिलेगी मजबूती

1970 के दशक के अंत में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए जगुआर लड़ाकू विमान लो-लेवल स्ट्राइक मिशन के लिए मशहूर हैं। वायुसेना धीरे-धीरे नए प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही है, लेकिन जगुआर का अपग्रेड इस विमान को आगे भी सेवा में बनाए रखने की योजना है। अपग्रेड के तहत पहले इस्तेमाल होने वाली पुरानी मिसाइल के लिए वायरिंग सर्किट में बदलाव किया जाएगा, जिससे NGCCM मिसाइल और हेलमेट माउंटेड टार्गेटिंग सिस्टम का उपयोग संभव हो सकेगा। इससे कम दूरी की हवाई लड़ाई की क्षमता में वृद्धि होगी।

टेंडर प्रक्रिया की समयसीमा

टेंडर प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण तारीखें निम्नलिखित हैं:
प्री-बिड मीटिंग: 25 मार्च 2026
बिड जमा करने की अवधि: 26 मार्च से 13 अप्रैल 2026
टेक्निकल बिड ओपनिंग: 14 अप्रैल 2026
इस अपग्रेड के बाद जगुआर विमान भूकंप जैसे हवाई खतरों से बेहतर तरीके से खुद को बचा सकेंगे। भारतीय वायुसेना की यह पहल देश की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वायु युद्ध में हमारी क्षमताओं में और अधिक सुधार होगा।

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