अमेरिका में छुट्टियां मनाने की योजना पर लगा ब्रेक, बिना दस्तावेज़ जांच के हैदराबाद दंपत्ति का B1/B2 वीज़ा किया खारिज ! “आप अमेरिका में रहना अफोर्ड नहीं कर पाएंगे” कहकर तुरंत किया रिजेक्ट!
अमेरिकी वीज़ा रिजेक्शन ने मचाया बवाल
हैदराबाद के एक दंपत्ति की अमेरिका में छुट्टियां मनाने की योजना अचानक धरी की धरी रह गई जब उनका US B1/B2 टूरिस्ट/बिजनेस वीजा आवेदन Section 214(b) के तहत रद्द कर दिया गया। दंपत्ति का कहना है कि वीजा अधिकारी सेवार्थ कोई वित्तीय दस्तावेज भी नहीं मांगे गए और साक्षात्कार बहुत संक्षिप्त रहा। दंपत्ति के अनुसार, वीजा अधिकारी ने कहा, “चूंकि आपने बताया कि अमेरिका में आपके कोई दोस्त या रिश्तेदार नहीं हैं, इसलिए आप वहां के प्रवास को अफोर्ड नहीं कर पाएंगे।” यह टिप्पणी सुनकर उन्हें बेहद हैरानी हुई। उन्होंने बताया कि वे दोनों स्वतंत्र रूप से होटल में ठहरने, यात्रा करने और खर्च का प्रबंध स्वयं करते हैं। इसके बावजूद अधिकारी ने उनसे किसी प्रकार के खाते, आमदनी या वित्तीय कागजात नहीं मांगे।
US प्रवास के पिछले रिकॉर्ड को भी नकारा
साक्षात्कार के दौरान जब दंपत्ति ने बताया कि उन्होंने कई देशों की यात्राएं की हैं और उनके पास पहले का अमेरिका वीजा स्टैंप भी हैं, तब अधिकारी ने कहा कि उनका सिस्टम पुराने वीजा रिकॉर्ड नहीं दिखा रहा है, भले ही वीजा दोनों पासपोर्टों में स्पष्ट रूप से मुद्रित हों।
Section 214(b) यानी इमिग्रेशन और नेशनलिटी एक्ट का एक प्रावधान है, जिसके तहत कथित रूप से वीजा अधिकारी को यह न्यायसंगत कारण देना होता है कि आवेदक अस्थायी यात्रा के बाद अपने देश लौटने के मजबूत कारण (Home Ties) नहीं दिखा पाया। इसका मतलब यह नहीं कि आवेदक ने कोई गलत काम किया है, बल्कि अधिकारी के सामने यह साबित नहीं हो सका कि वह यात्रा के बाद वापस इंडिया लौट आएगा। इस स्थिति में दंपत्ति को नीला अस्वीकृति पत्र (blue slip) थमा दिया गया जिसमें स्पष्ट लिखा है कि उन्हें वीजा नहीं दिया जा सकता। अधिकारी के निर्णय के खिलाफ कोई अपील का अधिकार नहीं होता, लेकिन दंपत्ति फिर से आवेदन कर सकते हैं।
दंपत्ति की प्रतिक्रिया और आगे की योजना
दंपत्ति ने कहा कि वे निराश हैं क्योंकि वित्तीय स्थिति मजबूत है और वे कई बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे पुन: आवेदन करने का विचार कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अगली बार से उन्हें वीजा मिलेगा या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार B1/B2 वीजा अस्वीकृति के सबसे आम कारणों में यह साबित न कर पाना कि आवेदक अमेरिका जाने के बाद भारत लौट आएगा और खुद यात्रा खर्च वहन कर सकता है, प्रमुख है।
भारत समेत दुनिया में वीज़ा रिजेक्शन की ताज़ा घटनाएं
भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ का मामला सुर्खियों में है। इस बीच अमेरिका जाने के लिए टूरिस्ट वीजा पर भारतीयों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
तीन सवाल और 1 मिनट में रिजेक्शन
दिल्ली में एक आईटी प्रोफेशनल का B1/B2 वीज़ा सिर्फ तीन सवालों के बाद अस्वीकृत कर दिया गया, भले ही वह ₹1 करोड़ वार्षिक आय और मजबूत प्रोफाइल वाला था। अधिकारी ने केवल यात्रा का उद्देश्य, विदेश यात्रा इतिहास और अमेरिका में परिचितों के बारे में पूछा, फिर 214(b) के तहत रिजेक्ट कर दिया।
हैदराबाद की महिला का 2 मिनट वाला इंटरव्यू
एक हैदराबाद की महिला का यू.एस. टूरिस्ट वीज़ा इंटरव्यू मात्र 2 मिनट में समाप्त हुआ और वीज़ा रद्द कर दिया गया। इस तरह के मामलों में अक्सर छोटी गलतियां या अस्पष्ट जवाब रिजेक्शन का कारण बनते हैं।
UAE के दंपत्ति को भी रिजेक्शन
दुबई आधारित एक दंपत्ति को भी B2 टूरिस्ट वीज़ा भारतीयों की तरह ही Section 214(b) के अंतर्गत अस्वीकार किया गया, यहां तक कि उनके पास यूरोप की व्यापक यात्रा इतिहास था। यह दर्शाता है कि सख्त जांच दुनिया भर में जारी है। US Embassy ने स्पष्ट किया कि 214(b) रिजेक्शन “अस्थायी यात्रा के बाद लौटने की क्षमता पर्याप्त न दिखाना” मतलब है, जबकि 221(g) अस्थायी स्टॉप का संकेत देता है।
कुछ भारतीय छात्रों को भी F-1 (स्टूडेंट) वीज़ा भरोसेमंद कारण न बता पाने पर रिजेक्ट किया गया है- जैसे कि अमेरिका में उन्हें क्यों पढ़ना है और पढ़ने के बाद भारत लौटने की स्पष्ट योजना क्या है।
“पहले भारत घूमो” वाले मामले
एक युवक का बिज़नेस/टूरिस्ट वीज़ा तब रिजेक्ट हुआ जब वीओ ने कहा “पहले भारत घूमो” ! यह इंगित करता है कि अधिकारी कई बार यात्रा के उद्देश्य व भारत लौटने की संभावनाओं की धारणा के आधार पर निर्णय लेते हैं।
लाखों की सेविंग और मजबूत प्रोफ़ाइल के बावजूद रिजेक्शन
एक और भारतीय व्यक्ति जिसे ₹50 लाख की बचत, ग्लोबल ट्रैवल हिस्ट्री और स्थिर नौकरी थी, उसका भी वीज़ा रिजेक्ट हो गया, जिससे Applicants इस्तीफा जताते हैं कि डिजिटली सब कुछ ठीक होने पर भी रिजेक्शन हो रहा है।
कुल मिलाकर 2025 में वीज़ा रिजेक्शन्स बढ़े
2024–25 में B1/B2 वीज़ा रिजेक्शन्स बढ़े! कई मामलों में इंटरव्यू बेहद संक्षिप्त रहे और अधिकारी दस्तावेज़ों को गहराई से नहीं देखते। कुछ मामलों में इंटरव्यू सवाल केवल 2-3 हुए और तुरंत रिजेक्शन स्लीप दे दी गई। विशेष रिपोर्टों के अनुसार F-1 वीज़ा रिजेक्शन रेट भी 2025 में बढ़ी है। हालांकि आधिकारिक डेटा अलग-अलग स्रोतों से आते हैं, लेकिन भारत में आवेदनकर्ता कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
आम कारण जिनसे वीज़ा रिजेक्ट हो रहे हैं
Section 214(b) का मुख्य कारण आमतौर पर ये दिखाना होता है कि आप यात्रा के बाद अपने देश लौटेंगे, और कई मामलों में अधिकारी को यह स्पष्ट रूप से नहीं मिल पाता। स्थिर नौकरी, पारिवारिक बंधन, यात्रा योजना, वित्तीय स्थिति, सब चीज़ें देखी जाती हैं। कभी-कभी इंटरव्यू बहुत छोटा होता है और अधिकारी सिर्फ संकेतों से मान लेते हैं कि “लौटने की क्षमता कम दिखती है”।
पिछले कुछ महीनों में कई भारतीय और अन्य आवेदकों के टूरिस्ट वीज़ा (B1/B2) और स्टूडेंट वीज़ा (F-1) रिजेक्शन्स की खबरें सामने आई हैं, जिसमें कई उम्मीदवारों को बहुत छोटे समय में और बिना विस्तृत दस्तावेज़ जांच के 214(b) के तहत रिजेक्ट किया गया। यह दर्शाता है कि अमेरिकी कांसुलेट में वीजा अधिकारी अब अधिक सख्ती से “लौटने की क्षमता” और यात्रा के उद्देश्य की जांच कर रहे हैं।
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