Home हिन्दी फ़ोरम CER से बनी पीडियाट्रिक आईसीयू, सीएम योगी ने किया उद्घाटन    

CER से बनी पीडियाट्रिक आईसीयू, सीएम योगी ने किया उद्घाटन    

863
0
SHARE
HURL के CER से बनी पीडियाट्रिक आईसीयू, सीएम योगी ने किया उद्घाटन
 
गोरखपुर में हेल्थ सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भटहट स्थित सीएचसी से यहां और सहजनवा, पाली, बांसगांव व हरनही सीएचसी पर नवनिर्मित पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट का उद्घाटन किया। इन सभी पांच पीडियाट्रिक आईसीयू का निर्माण हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (Hindustan Urvarak & Rasayan Limited) ने कॉरपोरेट एनवायरनमेंट रिस्पांसबिलिटी (सीईआर – Corporate Environment Responsibility) फंड से कराया है।

पांच सीएचसी में पीडियाट्रिक आईसीयू का उद्घाटन किया सीएम योगी ने

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath) ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जिन सीएचसी (Community Health Center) पर पीडियाट्रिक आईसीयू (Pediatric ICU) की सुविधा शुरू हुई है वहां हेल्थ एटीएम भी लगाए जाएंगे। भटहट सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर आयोजित Pediatric ICU लोकार्पण समारोह में सीएम योगी ने कहा कि एक साथ पांच सीएचसी पर पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) का शुरू होना बड़ी उपलब्धि है। अब पीकू के साथ इन सीएचसी पर हेल्थ एटीएम लगवाने के लिए कमिश्नर व सीएमओ को निर्देशित किया गया है। हेल्थ एटीएम से लोगों को 60 प्रकार की चिकित्सकीय जांचों की सुविधा मिलेगी और लोग टेली कंसल्टेशन के माध्यम से गोरखपुर, लखनऊ, दिल्ली तक के एक्सपर्ट डॉक्टरों से बमुश्किल दस मिनट में परामर्श ले सकेंगे।

36 जिलों में नहीं थे एक भी आईसीयू बेड, सीएम योगी के प्रयासों से हो रहा है संभव

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में जब मरीजों को श्वांस लेने की दिक्कत आने लगी तो आईसीयू बेड्स की भारी मांग सामने आई। पहले 36 जिलों में एक भी आईसीयू बेड नहीं थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने हर जिले में आईसीयू के दस-दस बेड्स व उसके लिए प्रशिक्षित मैन पावर की व्यवस्था की।

इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों पर पूर्ण नियंत्रण – सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चार दशक तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में मस्तिष्क ज्वर (इंसेफेलाइटिस) का दर्दनाक इतिहास रहा है। हर साल 1500 से अधिक बच्चों की इसकी वजह से जान चली जाती थी। लेकिन अब इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। इससे किसी बच्चे की मौत नहीं होती है। बेहतरीन सर्विलांस, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज तक उपचार की बेहतरीन व्यवस्था से यह संभव हुआ है।

सामाजिक प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ा रहा है हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड

सीएम योगी ने पीकू निर्माण के लिए हर्ल को धन्यवाद देते हुए कहा कि खाद उत्पादन के साथ ही यह अपनी सामाजिक प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ा रहा है। इसकी तरफ से 14 स्वास्थ्य केंद्रों में पीडियाट्रिक आईसीयू बनाने की कार्यवाही शुरू की गई है। दो पीकू (जंगल कौड़िया व चरगांवा) का लोकार्पण कुछ माह पूर्व ही हो चुका है। लोकार्पण के साथ ही पीकू वार्ड नियमित संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिए गए। एनएचएम की गाइडलाइन के अनुसार इन पीकू पर पर्याप्त संख्या में बाल रोग विशेषज्ञ, योग्य डॉक्टर, स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन, ऑपरेटर, लैब टेक्नीशियन की सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।

14 स्वास्थ्य केंद्रों पर पीकू के लिए 24 करोड़ खर्च कर रहा हर्ल

हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड, गोरखपुर इकाई के कॉरपोरेट एनवायरनमेंट रिस्पांसबिलिटी (सीईआर) फंड से जिले में 14 पीकू या पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट का निर्माण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग 24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न चरणों में किया जा रहा है। अब तक सात मेडिकल यूनिट (जंगल कौड़िया, चरगावां, भटहट, पाली, सहजनवा, बांसगांव व हरनही) की निर्माण प्रक्रिया पूर्ण हो गयी है। दो का शुभारंभ सीएम योगी 6 मार्च को ही कर चुके हैं। पांच का लोकार्पण रविवार को हुआ। इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य जिला स्तर पर बाल चिकित्सा में प्रयोग होने वाले आधुनिकतम सयंत्र के माध्यम से बाल मृत्यु दर में कमी लाना है।