पानी हमारे जीवन का आधार है। शरीर को स्वस्थ रखने, बीमारियों से बचाने और रोजमर्रा की गतिविधियों को सही ढंग से चलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर दिन भर में एक इंसान को कितना पानी पीना चाहिए। क्या वाकई रोजाना 8 गिलास पानी पीना ही सही नियम है, या फिर हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग-अलग होती है? आइए जानते हैं इस सवाल का वैज्ञानिक और व्यावहारिक जवाब।
शरीर के लिए पानी क्यों है इतना जरूरी
मानव शरीर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। शरीर में पानी का काम सिर्फ प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पाचन, रक्त संचार, शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने और पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। शरीर पसीने, पेशाब और सांस लेने के जरिए लगातार पानी खोता रहता है। अगर इस नुकसान की भरपाई समय पर नहीं की जाए, तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, जिससे थकान, सिरदर्द, चक्कर आना और गंभीर मामलों में अंगों को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना जरूरी है।

रोज कितना पानी पीना चाहिए, क्या कहता है विज्ञान
अक्सर कहा जाता है कि दिन में लगभग 2 लीटर पानी। हालांकि यह एक सामान्य नियम है और सभी पर समान रूप से लागू नहीं होता।
यू.एस. नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंजीनियरिंग एंड मेडिसिन के अनुसार, महिलाओं को प्रतिदिन औसतन करीब 2.7 लीटर तरल पदार्थ और पुरुषों को करीब 3.7 लीटर तरल पदार्थ लेना चाहिए। इसमें सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि चाय, जूस, दूध जैसे पेय और भोजन से मिलने वाला पानी भी शामिल होता है। आमतौर पर हमारे भोजन से करीब 20 प्रतिशत पानी शरीर को मिलता है।

किन परिस्थितियों में पानी की जरूरत बढ़ जाती है
हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत उसकी जीवनशैली, शारीरिक गतिविधि और मौसम पर निर्भर करती है। अगर आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं या किसी मेहनत वाले काम में लगे रहते हैं, तो पसीने के जरिए ज्यादा पानी निकलता है। ऐसे में पानी का सेवन बढ़ाना जरूरी हो जाता है। मैराथन या लंबे समय तक चलने वाली शारीरिक गतिविधियों में शामिल लोगों को सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत होती है।
इसके अलावा गर्म मौसम में शरीर ज्यादा पसीना बहाता है, जिससे जल्दी प्यास लगती है। ऐसे समय में पानी की मात्रा अपने आप बढ़ानी चाहिए ताकि शरीर का तापमान संतुलित बना रहे।



