बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू व्यवसायी की दिनदहाड़े हत्या, जशोर में फैली सनसनी! कोपलिया बाज़ार में अज्ञात बदमाशों ने राणा प्रताप को मारी गोली, अल्पसंख्यक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल!
जशोर में हिंदू कारोबारी राणा प्रताप की गोली मारकर हत्या, इलाके में तनाव
बांग्लादेश के जशोर जिले से एक बार फिर अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कोपलिया बाज़ार इलाके में सोमवार की शाम अज्ञात बदमाशों ने एक हिंदू व्यवसायी राणा प्रताप की दिनदहाड़े गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राणा प्रताप अपने प्रतिष्ठान के पास मौजूद थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर अचानक गोलियां चला दीं। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद इलाके में तनाव
हत्या की खबर फैलते ही कोपलिया बाज़ार और आसपास के क्षेत्रों में तनाव व्याप्त हो गया। स्थानीय दुकानदारों ने सुरक्षा कारणों से अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। जशोर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत रंजिश, लूट या सांप्रदायिक द्वेष, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल
इस घटना ने जशोर समेत आसपास के इलाकों में रहने वाले हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। स्थानीय समुदाय के नेताओं का कहना है कि हाल के वर्षों में अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से ऐसे अपराध दोहराए जा रहे हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों और समुदाय प्रतिनिधियों ने सरकार से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि राणा प्रताप की हत्या केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक लगातार निशाने पर, हत्याओं से बढ़ा भय का माहौल
बांग्लादेश में बीते कुछ दिनों के दौरान हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसक घटनाओं ने देश की कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अलग-अलग जिलों में हिंदू नागरिकों की हत्या, भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने और गोलीबारी जैसी घटनाओं से पूरे समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
जशोर में हिंदू व्यवसायी की दिनदहाड़े हत्या
हाल ही में जशोर जिले के कोपलिया बाज़ार इलाके में हिंदू व्यवसायी राणा प्रताप की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात दिनदहाड़े हुई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद बाजार बंद रहे और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
राजबाड़ी में भीड़ हिंसा, अमृत मंडल की मौत
इससे पहले राजबाड़ी जिले के पांग्शा क्षेत्र में अमृत मंडल नामक हिंदू युवक को कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। आरोप है कि मामूली विवाद को सांप्रदायिक रंग देकर हिंसा भड़काई गई। यह घटना दर्शाती है कि किस तरह अफवाहें और कट्टर सोच जानलेवा साबित हो रही हैं।
मयमनसिंह में गोली मारकर हत्या
मयमनसिंह जिले में भी एक हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने की खबर सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीड़ित को लगातार धमकियां मिल रही थीं, लेकिन समय रहते सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।
झेनाइदाह में विधवा महिला से गैंगरेप
इससे पहले 2 जनवरी को झेनाइदाह जिले के नादिपारा उपजिले में कालीगंज में 2 स्थानीय बदमाशों ने एक 40 वर्षीय विधवा महिला से गैंगरेप कर दिया। उसके बाद आरोपियों ने महिला को एक पेड़ से बांध दिया और उसके बाल काट दिए। बाद में महिला को बेहोश की हालत में झेनाइदाह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में महिला ने कालीगंज पुलिस स्टेशन में आरोपी शाहिन और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता
स्थानीय हिंदू संगठनों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों में ही कई हिंदू नागरिकों की जान गई है। मंदिरों, दुकानों और घरों की सुरक्षा को लेकर समुदाय में भय व्याप्त है। कई परिवारों ने अपने कारोबार सीमित कर दिए हैं, जबकि कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन पर भी विचार कर रहे हैं।
सरकार और प्रशासन पर सवाल
मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई न होने से ऐसे अपराध बढ़ रहे हैं। वे सरकार से निष्पक्ष जांच, त्वरित गिरफ्तारी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। हिंदू समुदाय के नेताओं का कहना है कि ये घटनाएं केवल आपराधिक नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी गंभीर खतरा हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, लेकिन लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ज़मीनी स्तर पर मजबूत और प्रभावी कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
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