अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत की दुखद खबर ने जहां राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा की, वहीं शरद पवार से अलग होकर अपनी स्वतंत्र राजनीतिक राह चुनने के उनके निर्णय ने महाराष्ट्र की राजनीति में निर्णायक मोड़ ला दिया। सत्ता-समीकरण, रणनीति और राजनीतिक दिशा को प्रभावित करने वाली जीवन यात्रा के मुसाफ़िर अजीत दादा पवार के जीवन के ना भुलाए जाने वाले मोड़!
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन- विमान दुर्घटना में मौत
अजीत अनंतरो पवार, जो महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और राष्ट्रीय राजनीति में एक प्रभावशाली नेता थे, 28 जनवरी 2026 को एक विमान दुर्घटना में मारे गए हैं। इस दुखद घटना ने पूरे राज्य और देश को शोक में डुबो दिया है। यह विमान दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे के आसपास पुणे के बारामती एयरपोर्ट के पास हुई, जहां वह अपने विमान के लैंडिंग की कोशिश कर रहे थे। विमान एक Learjet 45 (पंजीकरण VT-SSK) रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया और विस्फोट के साथ आग पकड़ ली। विमान मुंबई से बारामती जा रहा था, जहां अजीत पवार ज़िला परिषद चुनाव प्रचार कार्यक्रमों में भाग लेने वाले थे। DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी लोग हताहत हो गए, जिनमें अजीत पवार, दो सदस्य (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और एक सहायक) और चालक दल के दो सदस्य शामिल थे।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक साझा नाम थे। वे लंबे समय से राज्य में विकास, बजट एवं प्रशासनिक मामलों के प्रमुख नेता रहे। उनकी मौत से राजनीतिक नेतृत्व में बड़ा खाली स्थान बन गया है और राज्य राजनीति में हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री, केंद्रीय नेतृत्व और विपक्षी दलों ने भी अपने-अपने संदेश जारी कर शोक और संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत पवार को “जनप्रिय नेतृत्व वाला नेता” बताया और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। अन्य बड़े नेताओं और राजनीतिक व्यक्तित्वों ने भी उनके निधन पर दुख प्रकट किया। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शोक की लहर है, और उनके समर्थक, कार्यकर्ता तथा जनता उनके योगदान को याद कर भावुक हैं।
श्री अजित पवार जी हे जनतेशी घट्ट नाते असलेले, तळागाळाशी मजबूत नाळ असलेले लोकनेते होते. महाराष्ट्रातील जनतेच्या सेवेत सदैव अग्रभागी राहणारे एक मेहनती व्यक्तिमत्त्व म्हणून त्यांना व्यापक आदर होता. प्रशासकीय बाबींची त्यांना सखोल जाण होती. गरीब आणि वंचितांच्या सक्षमीकरणासाठीची… pic.twitter.com/Rn1E8OXQRm
— Narendra Modi (@narendramodi) January 28, 2026

