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सीएसआर से पेयजल के लिये मिले 10 करोड़, MP के सांवेर की बरसों पुरानी मांग होगी पूरी

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सीएसआर से पेयजल के लिये मिले दस करोड़, सांवेर की बरसों पुरानी मांग होगी पूरी
 
शुद्ध पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते इंदौर जिले के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के मांगलिया के ग्रामीणों की शुद्ध पेयजल की बरसों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। अब मांगलिया के ग्रामीणों को दूषित और बदबूदार पानी की शिकायतें नहीं रहेंगी। इस गांव के हजारों नागरिकों को अब शिप्रा-नर्मदा का शुद्ध पानी पीने को मिलेगा। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक व जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट एवं कलेक्टर मनीष सिंह की पहल पर इंडियन ऑयल (Indian Oil), हिंदुस्तान पैट्रोलियम (HPCL) और भारत पैट्रोलियम (BPCL) द्वारा सीएसआर फंड से लगभग 10 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की गई है।

सीएसआर की मदद से पीने के लिये शिप्रा-नर्मदा का शुद्ध पानी मिलेगा (Drinking Water in Madhya Pradesh)

इस राशि में से ढाई करोड़ रुपये के पहले चेक की प्रतिकृति आज जल संसाधन मंत्री सिलावट और कलेक्टर मनीष सिंह को सौंपी गई। सीएसआर फंड से मंजूर की गई राशि से सड़क विकास के कार्य भी करवाए जाएंगे। इस अवसर पर आयोजित बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने तीनों कॉरपोरेट कंपनियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मांगलिया गांव के दौरे पर आए थे, इस दौरान इस गांव की पेयजल समस्या के संबंध में जानकारी उन्हें दी गई थी। उन्होंने उपरोक्त समस्या को गंभीरता से लिया और इसके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के अनुरूप तीनों ऑयल कंपनियों द्वारा लगभग 10 करोड़ रूपये सीएसआर फंड से मंजूर किए गए हैं।

मांगलिया स्थित ऑयल डिपो के टैंकरों और ट्रकों के लिये बनेगा व्यवस्थित पार्किंग

स्वीकृत राशि और जल जीवन मिशन के तहत प्राप्त राशि से एक समन्वित कार्य योजना बनाकर इस गांव की शीघ्र ही जल समस्या दूर की जा रही है। सिलावट ने तीनों ऑयल कंपनियों से अनुरोध किया है कि वह ग्राम मांगलिया में स्थित स्टेडियम का रेनोवेशन भी करें और ग्राम डकाच्या में एक नया स्टेडियम भी बनाया जाए। बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा की सीएसआर (CSR Funds) फंड से जिले में पहली बार इस तरह का Innovation हो रहा है, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। हम आपको बता दें कि यहां तीनों कंपनियों के ऑयल डिपो है इसलिए कलेक्टर ने तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह अपने-अपने डिपो में अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रबंधों का विशेष ध्यान रखें। इसके साथ ही टैंकरों और ट्रकों के खड़े होने के लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन ने कंपनियों के लिए 4 एकड़ जमीन भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।