Delhi की 125 साल पुरानी रेसकोर्स मस्जिद पर डिमोलिशन का खतरा, इमाम ने सरकार से हस्तक्षेप की अपील की

The CSR Journal Magazine
दिल्ली में पीएम आवास के पास स्थित 125 साल पुरानी रेसकोर्स मस्जिद पर डिमोलिशन का खतरा मंडरा रहा है। मस्जिद के इमाम मौलवी हारून ने बताया कि लैंड एंड डेवलपमेंट (L&DO) ने मस्जिद को खाली करने के लिए 6 दिन का नोटिस दिया है। 7 अक्टूबर को मस्जिद का बिजली-पानी काट दिया गया है, जिससे मस्जिद फिलहाल खाली है। इस स्थिति को लेकर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से दखल देने की मांग की है।
मौलवी हारून ने कहा कि यह मस्जिद वक्फ संपत्ति के रूप में रजिस्टर्ड है और उन्होंने अपील की है कि इस मस्जिद को न छेड़ा जाए। फिलहाल, मस्जिद जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है और L&DO की तरफ से एक चेतावनी नोटिस भी लगाया गया है। नोटिस में लिखा है कि यह भूमि और विकास कार्यालय की संपत्ति है, जिस पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा या निर्माण कानूनन अपराध है।

लिखित आदेश की कमी

इमाम मौलवी हारून ने कहा कि मस्जिद के साथ कभी कोई विवाद नहीं रहा है। 7 अक्टूबर को झुग्गियों को तोड़ने के दौरान अधिकारियों ने उन्हें मौखिक रूप से मस्जिद खाली करने के लिए कहा था, लेकिन कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “हमारे पास कोई लिखित आदेश नहीं है, और यह वक्फ की संपत्ति है।” उनका कहना है कि मस्जिद पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए और जो सच है, उस पर अमल किया जाना चाहिए।

सरकारी कार्रवाई पर सवाल

इमाम ने आगे कहा कि जब से यह मस्जिद बनी है, तब से ना L&DO था, ना NDMC। उन्हें 40 साल से ज्यादा हो गए हैं इमामत करते हुए और कभी कोई शिकायत नहीं रही। उन्होंने कहा कि झुग्गियों को लेकर कार्रवाई की गई, लेकिन मस्जिद का इससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि दो बीघा कब्रिस्तान वक्फ बोर्ड में गजट है और वह वक्फ के इमाम हैं।

चंद्रशेखर आजाद की अपील

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले पर सरकार से दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पीएम आवास के पास स्थित 100 वर्ष से अधिक पुरानी ऐतिहासिक रेसकोर्स मस्जिद को खाली कराने के लिए नोटिस दिए जाने और बिजली-पानी की आपूर्ति बंद करने की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपील की कि मस्जिद के संरक्षण और नमाज़ियों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

मस्जिद की ऐतिहासिकता

मस्जिद का उल्लेख 1977 के दिल्ली गजट और NDMC की विरासत सूची में होने का दावा किया गया है। इमाम मौलवी हारून ने कहा कि मस्जिद पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडरा रहा है और नमाज़ियों को मस्जिद में नमाज़ अदा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने अपील की कि सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।

नमाज़ियों की आवाजाही पर रोक

मौलवी हारून ने कहा कि नमाज़ियों के लिए मस्जिद का रास्ता बंद कर दिया गया है। कभी इजाजत मिलती है, कभी नहीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने जनरेटर मंगवाया है ताकि नमाज़ियों को कोई परेशानी न हो। उनका कहना है कि एयरफोर्स भी उनके साथ है और पीएम आवास के पास होने के कारण उन्हें कोई शिकायत नहीं है।

सरकारी सर्वे की रिपोर्ट

एसडीएम चाणक्यपुरी गीता ग्रोवर ने सर्वे किया था, जिसमें मस्जिद का कोई जिक्र नहीं था। इसी सर्वे के आधार पर कार्रवाई की गई है। वक्फ बोर्ड ने भी L&DO को लिखा है कि यह उनकी मस्जिद है। इस पूरे मामले में इमाम ने सरकार से गुजारिश की है कि अमन के साथ रहने दिया जाए और किसी भी तरह की कार्रवाई से बचा जाए।

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