विश्व आर्थिक मंच (WEF Davos 2026) में महाराष्ट्र ने निवेश के मामले में नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही दिन ₹14 लाख 50 हजार करोड़ के 19 बड़े MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इन निवेशों से राज्य में करीब 15 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने दो टूक में कहा कि महाराष्ट्र भारत के भविष्य का पावर हाउस है।
पहले दिन ही निवेशकों का भरोसा
दावोस में महाराष्ट्र सरकार के उद्योग, निवेश और सेवा विभाग के जरिए ये समझौते हुए। इस दौरान उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत भी मौजूद रहे। निवेशकों की भारी रुचि के चलते Maharashtra Pavilion में पहले दिन से ही उत्साह का माहौल देखने को मिला। दुनिया भर की कंपनियों ने महाराष्ट्र को निवेश के लिए भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार बताया।
मुख्यमंत्री फडणवीस का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उद्योग जगत का महाराष्ट्र पर भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर MoU की War Room के जरिए निगरानी की जाएगी और निवेशकों को समय पर सभी सुविधाएं दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस साल पिछले साल से भी ज्यादा निवेश और रोजगार के करार होंगे।
तीसरी मुंबई और सर्कुलर इकोनॉमी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई में घन कचरा प्रबंधन, हवा और पानी की गुणवत्ता नियंत्रण के जरिए Circular Economy को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही MMR क्षेत्र के विकास और तीसरी मुंबई के निर्माण के लिए ठोस प्लान तैयार है, जिससे अच्छे वेतन वाली नौकरियां पैदा होंगी।
किन क्षेत्रों में आया सबसे ज्यादा निवेश
The CSR Journal से ख़ास बातचीत में उद्योग विभाग के मुख्य सचिव पी अन्बलगन (Dr. P Anbalagan, IAS, Secretary, Industries, Government of Maharashtra) ने बताया कि इन करारों के जरिए हरित ऊर्जा (Green Energy), आईटी-आईटीईएस, डाटा सेंटर, ईवी-ऑटोमोबाइल, स्टील, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और शिप बिल्डिंग जैसे सेक्टरों को बड़ी रफ्तार मिलेगी। यह निवेश सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रत्नागिरी, पालघर, गडचिरोली और अहिल्यानगर जैसे क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
आने वाले दिनों में और करार संभव, MAITRI से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
अगले दो दिनों में AI, Quantum Computing, FinTech, Logistics, EV, Renewable Energy और Infrastructure सेक्टर में और भी बड़े निवेश समझौते होने की संभावना है। इसके लिए कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से बातचीत चल रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी MAITRI (Maharashtra Industry, Trade and Investment Facilitation Cell) की वजह से निवेशकों को सिंगल विंडो सुविधा मिल रही है। यही कारण है कि इस साल महाराष्ट्र की ओर निवेशकों का रुझान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है।