खेल सामग्री योजना के लिए भी 1,856 करोड़ रुपये की मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक में कई योजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना और 1,856 करोड़ रुपये की स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग योजना शामिल हैं। यह निर्णय दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के महंगाई भत्ते में वृद्धि के साथ आया है।
कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना का उद्देश्य
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर को ‘कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रोत्साहन योजना’ को मंजूरी दी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में कंटेनर निर्माण की क्षमता को बढ़ाना है। वित्त वर्ष 2040 तक इस योजना पर कुल 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
योजना के चार प्रमुख घटक
इस योजना के तहत चार प्रमुख घटक हैं। इनमें ब्याज सब्सिडी सहायता, परीक्षण और प्रमाणन सहायता, भूमि पट्टे पर लेने में सहयोग और परिचालन व्यय सहायता शामिल हैं। ब्याज सब्सिडी सहायता के तहत पूंजी निवेश के लिए लिए गए टर्म लोन पर 3% वार्षिक ब्याज सब्सिडी देने के लिए 859 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री का बयान
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना के तहत स्टील बनाने वाली कंपनियों को कंटेनर-ग्रेड स्टील बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कदम भारत को कंटेनर उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में उठाया गया है।
नई प्लांट्स और विस्तार के लिए वित्तीय मदद
कंटेनर बनाने के नए प्लांट लगाने वाली कंपनियों को कैपिटल असिस्टेंस यानी पूंजी लगाने के लिए मदद दी जाएगी। इसके अलावा, मौजूदा प्लांट का विस्तार करने पर भी फाइनेंशियल मदद उपलब्ध होगी।
स्किल डेवलपमेंट और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
कंटेनर की जांच के लिए टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियों की ट्रेनिंग यानी स्किल डेवलपमेंट के लिए भी इंसेंटिव दिया जाएगा। यह कदम भारत में कंटेनर बनाने से जुड़ी क्षमता और सुविधाएं बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
परियोजनाओं की समय सीमा
इस योजना के तहत परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के तीन साल के भीतर शुरू हो जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें वैश्विक कंटेनर मानकों को पूरा करना होगा।
टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन सुविधाएं
इस योजना में टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन सुविधाओं के लिए 150 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह कुल बजट का लगभग 1.5% है और इसमें डायनामिक लोंगिट्यूडिनल इम्पैक्ट टेस्टिंग भी शामिल है।
महंगाई भत्ते में वृद्धि
कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि को भी मंजूरी दी गई है। अब महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा। इससे 48 लाख मौजूदा कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनधारियों को लाभ होगा। बढ़ा हुआ DA और DR 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी
महंगाई भत्ते में हुई इस वृद्धि से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में हर महीने बढ़ोतरी होगी। यह कदम कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
सरकार की योजनाएं और विकास
इन योजनाओं के माध्यम से सरकार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना और खेल सामग्री योजना से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि भारत की औद्योगिक क्षमता भी मजबूत होगी।

